श्रीनगर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुरक्षा बलों की गोलीबारी में पेलेट लगने से घायल हुए एक 13 वर्षीय बच्चे की शनिवार को हुई मौत के बाद श्रीनगर में बच्चे के अंतिम संस्कार के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसके कारण श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया।
जम्मू एवं कश्मीर में बीते तीन माह से जारी तनाव और हिंसक झड़प में इस बच्चे की मौत के साथ मृतकों की संख्या 91 हो गई।
शनिवार को घाटी के कई अन्य इलाकों में भी झड़पें हुईं।
पेलेट से घायल हुए श्रीनगर के सईदपुर इलाके के जुनैद अहमद भट्ट को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई।
स्थानीय निवासियों और सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने कहा है कि भट्ट किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा नहीं रहा था और उसकी मौत की जांच होनी चाहिए।
पीडीपी के महासचिव निजामुद्दीन भट्ट ने बच्चे की मौत की जांच की मांग की है।
भट्ट ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जब बच्चे पर पेलेट गन चलाई, तब वह किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं था।
ईदगाह इलाके में भट्ट के शव को उठाए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों का सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष हुआ। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया।
श्रीनगर के अन्य इलाकों में भी तनाव की स्थिति होते ही प्रशासन ने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया।
श्रीनगर में एक बार फिर तनाव का माहौल हो गया है, जहां पिछले एक सप्ताह के दौरान स्थिति लगभग सामान्य हो गई थी।
हालांकि शाम होने के बाद श्रीनगर के ऊपरी सिविल लाइन इलाके में तनाव में कमी आई और अलगाववादियों द्वारा शाम पांच से छह बजे के बीच विरोध-प्रदर्शनों में नरमी दिखाने के चलते कुछ निजी वाहन भी सड़कों पर देखे गए।
वहीं श्रीनगर के पुराने इलाके में तनाव जस का तस बना रहा और अधिकारियों ने वहां कर्फ्यू लगाए रखा।
आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से घाटी में तनाव और हिंसा जारी है। अलगावादी नेता बच्चों को सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने को कहते हैं और जवाब में गोलीबारी की जाती है। पिछले 92 दिनों में 91 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
लगातार 13वें जुमे को श्रीनगर के नौहट्टा स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी गई।
श्रीनगर के ऊपरी कस्बे सोनावर में अधिकारियों ने अलगाववादियों को रैली नहीं निकालने दी। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान में सेना की गतिविधि पर नजर रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र निगरानी संगठन (यूएनएमओजीआईपी) का कार्यालय सोनावर में ही स्थित है।
इस बीच दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिलों में और उत्तरी कश्मीर के बंदीपोरा में जुमे की नमाज के बाद झड़पें हुईं।
घाटी में तीन महीने से लगातार सभी शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक परिवहन और मुख्य बाजार बंद चल रहे हैं।
इस बीच घाटी को बनिहाल से जोड़ने वाली रेल सेवा भी बंद है।
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