हैदराबाद, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। सिकंदराबाद में 68 दिनों के उपवास के बाद 13 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई।
लड़की की मौत चार दिन पहले हुई और यह मामला तब प्रकाश में आया, जब बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) बलाला हक्कुला संगम ने मामले की पुलिस में शिकायत की।
पीड़िता के पारिवारिक सूत्रों ने कहा कि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली अराधना ने दो अक्टूबर को अपना उपवास पूरा किया था, जिसके दो दिन बाद वह बीमार पड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।
जैन परंपरा के मुताबिक, लड़की चौमासा की पवित्र अवधि के दौरान उपवास पर थी। मान्यता के अनुसार इससे उसके पिता के ज्वेलरी के व्यापार में मुनाफा होता।
लड़की के दाह संस्कार में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और उसे ‘बाल तपस्वी’ करार दिया।
बलाला हक्कुला संगम ने आरोप लगाया है कि लड़की से जबरदस्ती उपवास कराया गया, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
एनजीओ के अध्यक्ष अच्युत राव ने पुलिस आयुक्त एम.महेंद्र रेड्डी को एक पत्र लिखा, जिसमें इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
परिजनों ने दावा किया है कि इससे पहले वह 41 दिन का उपवास सफलता पूर्वक कर चुकी थी।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने एक राज्य मंत्री तथा एक सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जो दो अक्टूबर को उपवास पूरा होने के कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे।
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