अमृतसर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देने के एक दिन बाद रविवार को ‘पंजाब में माफियाओं के राज पर भाजपा की चुप्पी’ पर सवाल उठाए।
नवजोत ने माफिया पर सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल से जुड़े होने का आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारूढ़ गठबंधन में अकाली दल के साथ साल 2007 से सहयोगी है।
भाजपा से शनिवार को इस्तीफा देने के बाद कौर ने मीडिया से यहां कहा, “गठबंधन में शामिल होने से पहले, उन्हें हमसे कहना चाहिए था कि हमें अपना मुंह नहीं बंद रखना होगा। हमारे लिए मान लिया गया कि जो भी कुछ गलत हो रहा है, उसे हम सिर्फ देखते रहें और उन गलत कार्यो का समर्थन करते रहें। हमसे पूरे माफिया को समर्थन देने की उम्मीद की जा रही थी और हमें किसी की गलती की तरफ इशारा करने की अनुमति नहीं थी।”
कौर ने अकाली दल के नेताओं, खास तौर से पंजाब के शक्तिशाली राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े नेताओं पर राज्य में माफिया राज चलाने का आरोप लगाया। मजीठिया पंजाब के उप मुख्यमंत्री एवं अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के रिश्तेदार हैं। मजीठिया, सुखबीर सिंह की पत्नी और केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल के छोटे भाई हैं।
कौर ने भाजपा से अपने इस्तीफे में देरी की वजह पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इसमें उनके निर्वाचन क्षेत्र का हित निहित था।
कौर ने कहा, “मैंने पहले इस्तीफा इसलिए नहीं दिया ताकि मेरे निर्वाचन क्षेत्र में कोई उपचुनाव नहीं हो। बहुत सारा धन मेरे निर्वाचन क्षेत्र में आ रहा था। मैं नहीं चाहती थी कि यह राशि वापस जाए।”
कौर अकसर अपने निर्वाचन क्षेत्र पूर्वी अमृतसर में धन और विकास परियोजनाओं को रोकने को लेकर खुलेआम पंजाब सरकार की आलोचना करती रहती थीं। हालांकि, वह मुख्य संसदीय सचिव के पद पर थीं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा नेतृत्व बंटा हुआ है और वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनी जा रही है।
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