तिरुअनंतपुरम, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल में उद्योग मंत्री ई. पी. जयराजन के खिलाफ लगे भाई-भतीजावाद के आरोपों से निपटने को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) की केरल इकाई में गहन चर्चा जारी है। इस बीच कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि वह तब तक शांत नहीं बैठेगी, जब तक जयराजन मंत्री पद छोड़ नहीं देते।
यह बात अब सामने आई है कि माकपा के वरिष्ठ नेताओं के कई रिश्तेदार सरकारी संस्थाओं में नौकरी में और सरकारी वकील के रूप में नियुक्त हो गए हैं। जयराजन ने खुद ही अपने दो करीबी रिश्तेदारों को शीर्ष पदों पर नियुक्त कर दिया है, जबकि उनके पास उस पद के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता भी नहीं है।
पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए राज्य के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वी.एम. सुधीरन ने कहा कि जयराजन को पद छोड़ना होगा और यदि वह नहीं छोड़ते तो उन्हें इस पद से हटाना होगा।
उन्होंने कहा, “मामले को जानकर पूरा केरल स्तब्ध है कि नियुक्ति करते समय सभी नियमों का मजाक उड़ा दिया गया। माकपा ने कहा है कि इसमें सुधार के उपाय किए जाएंगे और समय की मांग है कि पार्टी कोई कार्रवाई नहीं करे, लेकिन जयराजन को मंत्रीपद से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने गोपनीयता की जो शपथ ली थी उसका उल्लंघन किया है।”
उन्होंने कहा, “वे हमारे शासन के बारे में क्या कुछ नहीं कहते थे और किस तरह से उन लोगों ने भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया था और अब उनकी सरकार को देखें, मात्र चार माह के शासन में पिनरई विजयन सरकार का चेहरा बुरी तरह पिट गया है।”
कांग्रेस ने इस मुद्दे को जब पूजा की छुट्टियों के बाद सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी तो सदन में भी उठाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि जयराजन को पद से हटाने से कम पर कोई बात नहीं बनेगी।
इससे पहले बुधवार को जयराजन ने माकपा के प्रदेश सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन से मुलाकात की। एक घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन वहां इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। मुख्यमंत्री विजयन ने भी जयराजन के भविष्य के संबंध में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
इस बीच जयराजन की भतीजी ने, जिसे राज्य सरकार द्वारा संचालित एक इकाई का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया था, भारी जनाक्रोश को देखने के बाद बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया।
माकपा के लिए अगले दो दिन बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। उम्मीद है कि सतर्कता विभाग गुरुवार को कांग्रेस की शिकायत पर अपनी जांच जारी रखेगा या नहीं इस बारे में घोषणा करेगा। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ने सतर्कता विभाग के निदेशक जैकब थॉमस के पास भाई-भतीजावाद की शिकायत दर्ज कराई है।
शुक्रवार को जयराजन मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए माकपा के 15 सदस्यीय राज्य सचिवालय की बैठक होने वाली है। 15 सदस्यों में से पांच के रिश्तेदार सरकारी पदों पर नियुक्त किए गए हैं।
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