देशभक्ति की भावना जगाएगा भोपाल का शौर्य स्मारक : शिवराज

भोपाल, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को शौर्य स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से होने वाला है। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शौर्य स्मारक को लेकर ब्लॉग लिखा है, जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह स्मारक शौर्य व बलिदान से परिचित कराने के साथ देशभक्ति की भावना जागृत करेगा।

चौहान ने गुरुवार को अपने ब्लॉग में लिखा है, “भारत भूमि वीर-प्रसूता है। इसकी माटी में ऐसे वीर सपूतों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया है, जिनके शौर्य की गाथाएं सदियों से लोगों की जुबान पर हैं। किताबों के पन्ने उनकी वीरगाथाओं से भरे पड़े हैं। उनकी वीरता के कार्यो पर आधारित लोकगीत गांव-गांव, घर-घर में गाए जाते हैं। ये सब उनके प्रति हमारी कृतज्ञता की अभिव्यक्ति हैं।”

राजधानी में शौर्य स्मारक बनाने को लेकर मन में आए विचार का जिक्र करते हुए लिखा है “मेरे मन में हमेशा से एक सपना पलता रहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा अनूठा और भव्य शौर्य स्मारक बने, जो समाज, विशेषकर नई पीढ़ी को हमारे वीरों के शौर्य तथा बलिदान से परिचित कराने के साथ-साथ उनके रोम-रोम में देशप्रेम की भावना भर दे। बहुत विचार और विशेषज्ञों से परामर्श के बाद शौर्य स्मारक का कार्य अरेरा पहाड़ी पर उपयुक्त स्थल चुनकर शुरू किया गया। वर्षो के कड़े परिश्रम और उत्कृष्ट शिल्पकारी के फलस्वरूप भव्य शौर्य स्मारक बनकर तैयार है।”

उन्होंने आगे लिखा है कि “हमारे लिए यह गर्व की बात है कि शौर्य स्मारक का शुभारंभ करने राष्ट्रभक्त और देश के विकास में अपने जीवन का हर पल समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पधार रहे हैं। भारत के रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। हमारा प्रयास है कि तीनों सेनाओं के प्रमुख भी इस अवसर पर उपस्थित रहें।”

शौर्य स्मारक का ब्यौरा देते हुए उन्होंने लिखा है कि “कुल 41 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 12़67 एकड़ भूमि पर निर्मित इस अद्वितीय स्मारक की परिकल्पना बहुत अद्भुत है। इसमें जीवन बलिदान करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। स्मारक जीवंत अनुभूति प्रदान करता है। इसमें शूरवीर सैनिक की राष्ट्रसेवा से प्रेरित जीवनयात्रा का रूपायन है।

उन्होंने आगे लिखा, “जीवन, युद्घ के रंगमंच, मृत्यु तथा मृत्यु पर विजय को चार प्रांगणों की श्रृंखला के रूप में अलग-अलग दिखाया गया। इसके रूपांकन में जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति तथा मोक्ष-उत्सर्ग जैसे जटिल अव्यक्त अनुभवों को सरल, सहज तरीके से रूपांकित करने के लिए सुंदर तानाबाना बुना गया है।”

मुख्यमंत्री ने लिखा है “स्मारक में पृथ्वी से उभरता हुआ 62 फीट ऊंचा शौर्य स्तम्भ एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। यह स्तम्भ अंदरूनी शक्ति और साहस का प्रतीक है। स्तम्भ के आसपास के वातावरण से आगंतुक के मन में वीरों के प्रति सम्मान और नमन का भाव जागृत होगा।”

स्मारक में स्थापित ज्योति और भव्यता का जिक्र करते हुए चौहान ने लिखा है “स्मारक में शहीदों के सम्मान में प्रज्ज्वलित परंपरागत अनंत ज्योति को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है। स्मारक में एक व्याख्या केंद्र भी है, जिसके माध्यम से आगंतुकों को स्मारक के स्वरूप को समझने में मदद मिलेगी। यहां एक शौर्य वीथिका भी है, जिसमें भारतीय सैनिकों की देशभक्ति और शौर्य को तस्वीरों के रूप में दिखाया गया है। यह महाभारत काल से शुरू होकर आजादी के संघर्ष तक को दर्शाता है। इसमें परमवीर चक्र, महावीर चक्र जैसे शौर्य सम्मानों से पुरस्कृत विजेताओं की तस्वीरें भी प्रदर्शित हैं। भारतीय सेना के हवाई जहाज, टैंक तथा पानी के जहाजों के लघु मॉडल आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बिंदु होंगे।”

चौहान ने यहां आकर मिलने वाली अनुभूति का जिक्र करते हुए लिखा है, “निश्चय ही शौर्य स्मारक का अवलोकन करने वाले लोग अपने वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर लौटेंगे।”

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