भोपाल, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शुक्रवार को इशारों में सर्जिकल स्ट्राइक को जायज ठहराया और कहा, “हमारे देश ने कभी किसी की एक इंच भी जमीन के लिए झगड़ा नहीं किया, किसी देश को दबोचने के लिए, अपना बनाने के लिए आक्रमण नहीं किया, लेकिन अगर मूल्यों व आदर्शो के लिए जीवन-मृत्यु की जंग खेलने की नौबत आई तो हिंदुस्तान की सेना कभी पीछे नहीं हटी।”
मध्यप्रदेश की राजधानी के लाल परेड मैदान में शुक्रवार को पूर्व सैनिक सम्मेलन व शौर्य सम्मान सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “हमारी सेना सिर्फ देश की सुरक्षा नहीं करती, बल्कि मानवता की मिसाल भी है, वह दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान खपा देती है। कश्मीर में जब बाढ़ आई तो सेना ने उन लोगों की जान बचाई थी, जिन्होंने पत्थरों से हमला कर सैनिकों की जान तक को संकट में डाल दिया था। इतना ही नहीं यमन में फंसे भारतीयों के साथ पाकिस्तानी नागरिक व अन्य देशों के लोगों को सुरक्षित निकाला था।”
मोदी ने कहा, “हमारी सेना के कई रूप हैं, मगर उसकी चर्चा सिर्फ एक रूप की होती है, वह है यूनीफॉर्म, हाथ में शस्त्र और आंखों में युद्ध की ज्वाला। उसके कई और भी रूप हैं। सेना प्राकृतिक आपदा के समय लोगों का जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को संकट में डाल देती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में सेना के काम को देश व दुनिया ने देखा है।”
कश्मीर में आई बाढ़ में सेना द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, “बाढ़ की समस्या से जूझना सरकार के भी बस का नहीं था, तब सेना के जवानों ने बाढ़ पीड़ितों की जान को बचाने के लिए अपनी जान खपा दी। उन्होंने यह कभी नहीं सोचा कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें पत्थर मारते हैं, आंख फोड़ देते हैं, सिर फोड़ देते हैं, कई बार तो हमला इतना बड़ा होता है कि मौत तक हो जाती है।”
सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और उसके सबूत मांगे जाने की टिप्पणियों का जिक्र किए बिना कहा, “किसी भी सेना की ताकत उसका शस्त्र, गोली नहीं होती, बल्कि सेना का सबसे बड़ा शस्त्र मनोबल होता है। उसके मन की ताकत होती है यह मनोबल और मन की ताकत शस्त्र से नहीं आती, यह ताकत सवा सौ करोड़ देशवासियों के उनके पीछे खड़े होने से आती है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम चैन से सो सकें, इसके लिए हमारे सैनिक जागते हैं, उन्हें इसमें खुशी भी होती है, मगर जागने के समय भी हम सोते रहे तो सेना हमें कभी माफ नहीं करेगी।”
पाकिस्तान की ओर से हो रही आतंकी गतिविधियों और सेना की गोलीबारी के दिनों में विपक्ष के हमलों का भी उन्होंने इशारों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “उन दिनों रोज मेरे बाल नोंच लिए जाते थे, तब मैंने कहा था कि सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है, वे कहते थे मोदी सो रहा है, मोदी कुछ कर नहीं रहा है, लेकिन जैसे हमारी सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है, हमारे रक्षामंत्री भी बोलते नहीं हैं।”
उन्होंने अपनी सरकार द्वारा सेना के लिए वन रैंक वन पेंशन के वादे को पूरा किए जाने के साथ सैनिकों के हित मे सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का भी ब्यौरा दिया।
इससे पहले, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश में शौर्य कम नहीं है, 19 सितंबर को हमारी सेनाओं ने एक बार फिर अपना शौर्य दिखाया। उन्होंने कहा कि शिवाजी, महाराणा प्रताप और वर्ष 1965 व 1971 के युद्घ में हमारे सैनिकों का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। ऐसा पराक्रम करने वाले सैनिकों में मध्यप्रदेश के सैनिक भी हैं।
भोपाल में बने शौर्य स्मारक को पर्रिकर में अहम बताया और इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने आगे कहा कि यह स्मारक ऐसे मुहूर्त में बना है, जब हमारे सैनिकों ने 29 सितंबर को देश की रक्षा के लिए अपना शौर्य दिखाया है।
प्रधानमंत्री मोदी वायुसेना के विशेष विमान से मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। हवाईअड्डे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यपाल ओ पी कोहली व अन्य नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करने के बाद जैन मुनि आचार्यश्री विद्यासागर से मुलाकात की और फिर शौर्य स्मारक का लोकार्पण किया। उसके बाद गोवा के लिए प्रस्थान कर गए।
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख सड़कों व बाजारों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। जगह-जगह बैरीकेड लगाए गए, वाहनों की चेकिंग की गई। वहीं विभिन्न मार्गो से गुजरने वाले वाहनों के रूट बदल दिए गए।
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