बेनॉलियम (गोवा), 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और रूस ने शनिवार को आतंकवाद की निंदा करते हुए हर रूप में आतंकवाद को खत्म करने की मांग की।
विदेश सचिव एस. जयशंकर ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह न देने और आतंकवादी विचारधारा और कट्टरपंथ के प्रसार, आतंकवादियों की भर्ती और उनकी यात्रा पर रोक लगाने, सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और आतंकवाद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन बर्दाश्त न करने के सिद्धांत पर आधारित एक वैधानिक व्यवस्था खड़ी करने की जरूरत पर जोर दिया।”
जयशंकर भारत-रूस द्विपक्षीय सम्मेलन से इतर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं ने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की कड़ी निंदा की है।”
उन्होंने कहा कि भारत ने 18 सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में सैन्य ठिकाने पर हुए आतंकवादी हमले पर रूस की स्पष्ट निंदा की सराहना की है।
विदेश सचिव ने कहा, “उड़ी हमले के बाद रूस की ओर से हमें जो स्पष्ट प्रतिक्रिया और समर्थन और सहानुभूति मिली है, प्रधानमंत्री ने उसकी सराहना की है। उन्होंने दो दशकों में भारत-रूस के रिश्ते मजबूत करने में राष्ट्रपति पुतिन की भूमिका को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि यह संबंध इतना मजबूत और गहरा है कि हम अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों और बदलावों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।”
जयशंकर ने कहा, “दोनों नेताओं द्वारा जारी संयुक्त बयान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर (दोनों देशों का) समान रुख नजर आया।”
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