भारतीय रेशम की ब्रांडिंग की जरूरत : ईरानी

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि देश में और देश के बाहर भारतीय रेशम की ब्रांडिंग करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि ब्रांडेड उत्पाद अधिक से अधिक विदेशी खरीदारों को आकर्षित कर सकें और इससे बेहतर कीमत हासिल हो सके।

ईरानी भारतीय रेशम निर्यात संवर्धन परिषद (आईएसईपीसी) द्वारा आयोजित पांचवें अंतर्राष्ट्रीय रेशम मेले के उद्घाटन के दौरान बोल रही थीं। मेले का आयोजन 15 से 17 अक्टूबर तक राजधानी के प्रगति मैदान में किया गया है।

उन्होंने कहा कि रेशम उद्योग का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है। ईरानी ने लघु एवं मझौले उद्योगों को एक मंच उपलब्ध कराने तथा विदेशी खरीदारों के समक्ष उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन करने के लिए परिषद की प्रशंसा की।

इस मेले में देश भर के अलग-अलग भागों से 110 भागीदार भाग ले रहे हैं। इस मेले में पोशाक, सामग्री, कारपेट, साड़ी और आंतरिक सजावट की रेशम और रेशम मिश्रित रेशों से बनाई गई वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही हैं। मेले के पहले ही दिन एक सौ से अधिक विदेशी खरीदारों ने अपना पंजीकरण कराया है।

जापान से 26 खरीदारों का एक प्रतिनिधिमंडल रेशम के धागे, सामान, पोशाक और फर्श की सजावट की वस्तुओं के लिए इस मेले में आया हुआ है। मेले में प्रदर्शित सामग्री खरीदारों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। वे इनके बारे में पूछताछ कर रहे हैं और इनका ऑर्डर दे रहे हैं।

केन्द्रीय रेशम बोर्ड ने इस मौके पर ‘सॉइल टु सिल्क’ विषय पर भारतीय रेशम उद्योग के ‘विषयगत उभार’ कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें दिखाया गया है कि शहतूत की पत्तियों में रेशम के कीड़े कैसे बढ़ते हैं और फिर ये कैसे कोया में परिवर्तित होते हैं। इसके बाद रेशम का धागा बनता है। इसके अलावा बोर्ड ने भारतीय रेशम के पोशाक, मलबरी रेशम, एएरी रेशम, तस्सर रेशम और मुगा रेशम जैसे विभिन्न उत्पादों का भी प्रदर्शन किया है।

इस तीन दिनों के मेले में आईएसईपी करीब पांच करोड़ डॉलर का कारोबार होने की उम्मीद कर रही है।

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