बेनौलिम, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिम्सटेक नेताओं ने आतंकवादियों के महिमा मंडन के प्रयासों की कड़ी निंदा की है और आतंकवाद को इलाके में स्थिरता और शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। इसे लेकर एक संयुक्त बयान सोमवार को जारी किया गया।
‘द बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टरियल टेक्निकल एंड इकॉनोमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक)’ के समापन के एक दिन बाद नेताओं के वापसी के समय दक्षिणी गोवा के बेनौलिम गांव के तट पर एक दस्तावेज यात्रा पर आए नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया। इसमें बिम्सटेक और ब्रिक्स ब्लॉक के आपसी हित और क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग की बात कही गई।
बिम्सटेक में बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं। इसमें कहा गया कि इस समूह में पारस्परिक लाभ के सहयोग से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास की क्षमता है। नेताओं ने भी साथ मिलकर काम करने, गुट को मजबूत, ज्यादा प्रभावी और परिणाम उन्मुख बनाने का वादा किया।
बिम्सटेक नेताओं ने र्रिटीट 2016 के परिणाम दस्तावेज में कहा, “आतंकवाद को इलाके की शांति और स्थिरता के लिए एक सबसे बड़ा खतरा मानते हुए हम आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने की प्रतिबद्धता को दुहराते हैं और कहा गया कि किसी भी आधार पर आतंकवादी गतिविधियों को तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। हम हाल में हुए बर्बर आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया, “आतंकवादियों का शहीदों की तरह महिमा मंडन नहीं किया जाना चाहिए। हम हिंसक आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के त्वरित उपायों और आतंकवाद को फैलने से रोकने की जरूरत को समझते हैं।” इसके साथ बड़े स्तर पर कानून प्रवर्तन में सहयोग सहित खुफिया और सुरक्षा संगठनों के उद्देश्य से समन्वय की बात कही गई।
चौथा, बिम्सटेक शिखर सम्मेलन नेपाल में आयोजित किया जाएगा।
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