दूसरी तरफ गंवई राजनीति के चक्कर में एक मृतक के परिजन शव लेने से भी पीछे हट गए।
रविवार को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जमीन अहिरौली गांव के अंबेडकर पार्क में कार्यकर्ता सम्मेलन चला रहा था। बसपा नेता त्रिभुवन दत्त की अगुवाई में अयोजित सम्मेलन समाप्त होने के बाद देर रात वहां लगे टेंट उतारते समय दो मजदूर बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
मजदूरों की जहांगीर गंज सामुदायिक स्वास्थ केंद्र ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजे सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के गढ़वल गांव के पंडित का पूरा निवासी 22 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र रामवृक्ष गौड़ और 28 वर्षीय संजय पुत्र रामदौर दलित के रूप में हुई।
घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप के साथ जिले में सियासी सरगर्मी बढ़ गई। स्थानीय सपा विधायक भीम प्रसाद सोनकर के दबाव में आधी रात को पुलिस ने दो बसपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर, बसपा के पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई है।
घटना के पीछे बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यकर्ता सम्मेलन शाम 5 बजे खत्म हो गया था। ग्रामीण क्षेत्र होने कारण इस क्षेत्र में बिजली की सप्लाई का शेड्यूल सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक और रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक ही रहता है। इसके बावजूद अचानक 6 बजे शाम को ही बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। जब दोनों मजदूर लाइन के पास ही थे और अचानक दोनों करंट की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गए।
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