पर्यावरणविद राजेंद्र शेंडे संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ समिति में चुने गए

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया के 197 देशों ने सर्वसम्मति से भारत की ओर से राजेंद्र शेंडे को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम प्रौद्योगिकी एवं मांट्रियल प्रोटोकॉल की आर्थिक आकलन समिति में वरिष्ठ विशेषज्ञ के रूप में मनोनीति किए जाने को स्वीकृति दे दी। यह ओजोन की परत की रक्षा के मकसद से सर्वाधिक सफल वैश्विक संधि है।

शेंडे संयुक्त राष्ट्र में इसके पहले वैश्विक पर्यावरणीय समझौतों के लिए कूटनीतिज्ञ रह चुके हैं और अभी टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, रिसर्च एंड रिहेबिलिटेशन फॉर एनवायर्नमेंट (टीईआरआरई) के अध्यक्ष हैं। इनका अमेरिका, ब्राजील, किर्गिस्तान, जॉर्जिया, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ताजिकिस्तान, मोल्दोवा और तुर्कमेनिस्तान ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया था।

एक बयान में कहा गया है कि चीन और पाकिस्तान सहित दुनिया भर के देशों ने शेंडे के नाम की स्वीकृति दी। इसे भारत के लिए और जलवायु परिवर्तन के तहत उसके नेतृत्व की भूमिका का एक स्वागत योग्य प्रगति माना जा रहा है।

प्रौद्योगिकी एवं आर्थिक आकलन समिति संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था है। यह ओजोन की परत और जलवायु प्रणाली को सुरक्षित रखने के लिए पांच मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों की वैकल्पिक प्रौद्योगिकी का आकलन करती है। यह लागत मूल्य के लाभ का विश्लेषण और नीति से जुड़ी सूचनाएं उन देशों को मुहैया कराती है, जो दीर्घकालिक विकास की दिशा में बदलाव वाले फैसले लेते हैं।

शेंडे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई से स्नातक हैं और वर्ष 2011 तक पेरिस में संयुक्त राष्ट्र में योगदान देने से पहले तक निजी क्षेत्र में काम कर चुके हैं। वह जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी समिति की वर्ष 2007 की रपट के प्रमुख लेखक रहे हैं। यह समिति नोबेल पुरस्कार की संयुक्त विजेता रही थी।

ओजोन की परत और उसके बाद जलवायु की रक्षा के लिए वह यूएस एनवायर्नमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) के दो पुरस्कार जीत चुके हैं।

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