नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत विभिन्न दरों की कर प्रणाली के संबंध में उनसे कोई राय नहीं मांगी।
कांग्रेस ने साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कर सीमा वहनीय दर से अधिक रखी गई तो वे इसका विरोध करेंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में चार स्तरीय कर प्रणाली का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें जरूरी वस्तुओं के लिए न्यूनतम छह प्रतिशत और विलासिता की वस्तुओं पर सबसे अधिक 26 प्रतिशत की दर प्रस्तावित की गई। इसके अलावा 12 और 18 प्रतिशत के स्टैंडर्ड टैक्स स्लैब रखने का भी प्रस्ताव है।
कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “हमसे संपर्क नहीं किया गया। इसे सरकार के ही मुंह से सुना जाए। हमें नहीं पता कि जीएसटी परिषत की इस बैठक में किस तरह की आम सहमति बनी है या नहीं बनी है। हालांकि अंतत: हर तरह का निर्णय संसदीय कार्यवाही से होकर ही लिया जाएगा और इस पर अभी अधिनियम पारित करवाया जाना है।”
उन्होंने कहा, “सरकार यदि राजनीतिक दलों की चिंताओं की अवहेलना करती है या कर की दर को वहनीय सीमा से बढ़ाया जाता है या करों की प्रभावोत्पादकता को घटाया जाता है तो संसद में अधिनियम को पारित करवाने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।”
कांग्रेस इससे पहले जीएसटी के तहत कर की अधिकतम सीमा 18 फीसदी रखने की मांग कर चुकी है।
सिंघवी ने कहा, “हम कह चुके हैं कि अधिनियम में कर की दर या उसकी अधिकतम सीमा का जिक्र जरूर होना चाहिए।”
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