पणजी, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से महादेई नदी विवाद पर शुक्रवार को होने वाली बैठक स्थगित करने की अपील की है।
देवेंद्र फडणवीस तथा सिद्धारमैया को लिखे पत्र में पारसेकर ने कहा कि ‘पहले से कुछ कार्यक्रम’ होने के कारण मुंबई में शुक्रवार को होने वाली बैठक में वह शिरकत नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बैठक को अगले सप्ताह कराने की अपील की।
एक केंद्रीय न्यायाधिकरण में गोवा तथा कर्नाटक के बीच महादेई नदी पर विवादित कालसा-भांडुरा बांध परियोजना को लेकर मुकदमा चल रहा है।
मनदोवी के नाम से भी जानी जाने वाली महादेई नदी गोवा के उत्तरी हिस्सों के लोगों के लिए जीवनरेखा के रूप में जानी जाती है। नदी का उद्गम कर्नाटक में हुआ है और यह गोवा के पणजी में अरब सागर में जाकर गिरती है।
कर्नाटक में नदी 28.8 किलोमीटर के दायरे में बहती है, जबकि महाराष्ट्र में यह बहुत ही कम दूरी के दायरे में बहती है। गोवा में यह नदी 81.2 किलोमीटर लंबी है।
कर्नाटक की योजना इस नदी पर सात बांधों के निर्माण की है, जिनका उद्देश्य इसके पानी को उत्तरी कर्नाटक के सूखा प्रभावित मालप्रभा बेसिन की तरफ मोड़ना है।
न्यायाधिकरण अपने फैसले में महादेई बेसिन पर कर्नाटक द्वारा बांध के निर्माण पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश पहले ही जारी कर चुका है।
न्यायाधिकरण ने इसी साल तीनों मुख्यमंत्रियों से आपस में बैठक कर मसले का हल खोजने के लिए कहा था।
गोव की सरकार तथा प्रदेश के नागरिक समूहों ने कहा है कि नदी के पानी का रुख मोड़ना प्रदेश के उत्तरी इलाके के लोगों को मौत की तरफ धकेलने का संकेत देने के समान होगा, क्योंकि ये लोग मछली पकड़ने, सिंचाई तथा पेयजल के लिए नदी पर ही निर्भर हैं।
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