भोपाल, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने कुछ उद्योगपतियों पर राज्य के साथ धोखेबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये कंपनियां निवेश के नाम पर जमीन की लूट मचाए हुए हैं।
कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा, “राज्य में इससे पहले चार इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हो चुके हैं। इन आयोजन में लाखों करोड़ रुपये के निवेश का समझौता होने का प्रचार किया गया, मगर जमीन पर क्या आया वह चौंकाने वाला है। इन इन्वेस्टर्स समिट से राज्य की जनता को तो कोई लाभ नहीं हुआ, बल्कि कुछ पूंजीपति जरूर मालामाल हो गए।”
उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार से करार करने वाले कुछ उद्योगपतियों को सरकार ने ही लीज पर जमीन दी। इन जमीनों को बैंक में गिरवी रखकर कर्ज लेने की अनुमति दी। उद्योगपतियों ने बैंक से कर्ज लेकर फैक्ट्री लगाई और उसे ऊंचे दामों में दूसरे को बेच दिया। यह तो उनके लिए फायदे का सौदा साबित हुआ है, जबकि नुकसान राज्य का हुआ।”
यादव ने आरोप लगाया कि अडानी, अंबानी बंधुओं और इस तरह के अन्य बड़े उद्योगपति सिर्फ बेशकीमती जमीन मिट्टी के मोल पाने और टैक्स व अन्य छूट लेकर प्रदेश की जनता की गाड़ी कमाई को लूटने भर के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी ने वर्ष 2010 की खजुराहो समिट में अपने भाषण में हर घंटे मध्यप्रदेश में ढाई करोड़ रुपये निवेश करने का दावा किया था। अंबानी ने कहा था कि उनकी कंपनी पांच साल में 75 हजार करोड़ रुपये प्रदेश में निवेश करेगी। अब शिवराज सरकार बताए कि अनिल अंबानी की कंपनी ने 20 अक्टूबर, 2016 तक प्रदेश में कुल कितना निवेश किया।
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के कुछ चुनिंदा अफसरों की इन कंपनियों से सांठ-गांठ है। सांठ-गांठ के तहत प्रदेश को लूटने और लुटाने का खेल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए राज्य में 2007 से चल रहा है। प्रदेश कांग्रेस इस लूटपाट और समिट के फर्जीवाड़े की पोल खोलने के लिए राज्यव्यापी ‘ढोल की पोल’ आंदोलन शुरू कर रही है।
उन्होंन बताया कि सबसे पहले उस धोखेबाज पूंजीपति का ढोल बजाया जाएगा, जिसने हमारे प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों को सबसे ज्यादा लूटा है और सबसे ज्यादा निवेश के नाम पर धोखा दिया है।
यादव ने राज्य के साथ धोखेबाजी करने वाले पूंजीपतियों के खिलाफ 22 अक्टूबर को इंदौर से ‘धोखेबाज पूंजीपतियों के खिलाफ ढोल की पोल’ आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसी दिन से इंदौर में दो दिन की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट शुरू होने जा रही है।
यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से इन्वेस्टर्स समिट पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग लगातार करती आ रही है, ताकि जनता को पता चल सके कि इन उद्योगपतियों को क्या सुविधाएं दी गईं, उन्होंने निवेश किया या नहीं? रोजगार कितने लोगों को मिला है? मगर सरकार है कि श्वेतपत्र जारी करने को तैयार नहीं हुई, क्योंकि श्वेतपत्र जारी करने से हकीकत सामने आ जाएगी।
यादव ने बताया कि यह आंदोलन सिलसिलेवार चलेगा। पार्टी की इकाइयां उन स्थानों पर प्रदर्शन करेगी, जहां उद्योग लगाने का समझौता हुआ है। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि संबंधित उद्योग से कितने लोगों को रोजगार मिला।
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