बक्सर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के बक्सर जिले के नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पुलिस ने 31 वर्षो से विभिन्न क्षेत्रों में ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सभी 10 सदस्य एक ही परिवार के हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, इस ठग गिरोह का भंडाफोड़ बक्सर के सीताराम आश्रम के अच्छी नस्ल की गायों के नाम पर 46 लाख रुपये ठग लेने के मामले के अनुसंधान के दौरान हुआ।
बक्सर (नगर) के पुलिस उपाधीक्षक षैषव यादव ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य पिछले दिनों स्थानीय सीताराम विवाह आश्रम में आकर रुके थे। इस दौरान आश्रम में रहकर वहां के संचालक राजाराम शरण दास को विश्वास में लिया और राजस्थान में गायों का बड़ा व्यापारी बताकर सस्ते दाम अच्छी नस्ल की गायों की आपूर्ति का प्रलोभन दिया।
इस दौरान आश्रम के महंत से लगभग 46 लाख रुपये लेने के बाद सभी सदस्य अपना-अपना मोबाइल फोन बंद कर दिए और वहां से चले गए।
उन्होंने बताया कि इस दौरान ठग गिरोह का एक मोबाइल फोन ऑन रह गया, जिससे पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया।
उल्लेखनीय है कि आश्रम के महंत के द्वारा नगर थाने में इस ठगी की एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान बताया गया कि ये लोग 31 सालों से ठगी के धंधे में लगे हैं। देश के कई राज्यों के साथ नेपाल में भी लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
10 लोगों के इस गिरोह में शामिल सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। परिवार के मुखिया मोहनलाल अग्रवाल उर्फ जयदेव प्रसाद के अलावा उसकी पत्नी चंदा बाई, तीन पुत्र मुकेश शर्मा, छोटकू शर्मा और राजू शर्मा के अलावा पांच पुत्रियां में निर्मला देवी, ज्योति बाला, पल्लवी शर्मा, पिंकी शर्मा तथा टोनू शर्मा शामिल हैं। टोनू शर्मा को छोड़कर सभी बेटियां तलाकशुदा हैं। निर्मला का एक पांच वर्षीय बेटा है, जिसका भी इस्तेमाल ठगी में किया जाता है।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि गिरोह मे शामिल सभी लोग पहले किसी खास मंदिर अथवा मठ को अपना निशाना बनाते हैं और वहां रहकर क्षेत्र के लोगों को विश्वास में लेते हैं। बाद में एक बड़े सौदागर बनकर ठगी की घटना को अंजाम देते थे। इस दौरान कभी ये मार्बल तो कभी गाय के व्यापारी बन जाते हैं। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है।
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