कुआंटान (मलेशिया), 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार को जब चीन के खिलाफ राउंड रॉबिन मैच खेलने उतरेगी तो उसका मकसद जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह पक्की करना रहेगा।
टूर्नामेंट में शीर्ष वरीय भारतीय टीम तीन मैचों में दो जीत हासिल कर अंकतालिका में मलेशिया के बाद दूसरे स्थान पर है।
भारत ने अब तक जापान और अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया है, जबकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ रहा था। भारत के कुल सात अंक हैं।
वहीं 18वीं विश्व वरीयता वाली चीन की टीम दो मैच खेलकर एक जीत और एक हार से तीन अंक जुटाकर अंकतालिका में चौथे स्थान पर है।
रोएलांट ओल्टमैंस के निर्देशन में भारतीय टीम ने जापान पर 10-2 की दमदार जीत के साथ टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की, कोरिया को 1-1 से ड्रॉ पर रोका फिर अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 3-2 से मात दी।
अब तक भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले रुपिंदर पाल सिंह से चीन के खिलाफ होने वाले मैच में काफी उम्मीदें होंगी। भारतीय टीम के ड्रैग फ्लिक विशेषज्ञ अब तक सात गोल कर चुके हैं और उनकी निगाह भी इसमें इजाफा करने की होगी।
हालांकि भारतीय स्ट्राइकरों ने इस दौरान कई अवसर भी गंवाए, जिसमें मुख्य कोच ओल्टमैंस सुधार चाहेंगे। तलविंदर सिंह और निकिन थिमैया को अपनी गलतियों में सुधार करना होगा।
डिफेंस में भी रुपिंदर की भूमिका अहम होगी, जिसमें उनका साथ बिरेंद्र लाकड़ा, सुरेंद्र कुमार और कोथाजीत सिंह देंगे।
मिडफील्ड की कमान पूर्व कप्तान सरदार सिंह के हाथों में होगी। सरदार बीते कुछ समय से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और चीन के खिलाफ मैच से निश्चित तौर पर वह लय में लौटना चाहेंगे।
वहीं चीन ने पहले मैच में मलेशिया के हाथों 1-5 से मिली करारी हार के बाद जापान को 2-1 से हरा अच्छी वापसी की है और वे इस लय का जारी रखना चाहेंगे।
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