पणजी, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। गोवा के पर्यटन मंत्री दिलीप पारुलेकर के अनुसार, राज्य सरकार की गोवा को शौच मुक्त बनाने की महत्वाकांक्षा, राज्य के समुद्र तटों पर आने वाले 40 लाख पर्यटकों से जुड़ी हुई है, जहां पर अधिकांश जगहों पर शौचालय नहीं है।
पारुलेकर ने बुधवार को आईएएनएस से कहा कि उनका मंत्रालय 105 किमी लंबे समुद्र तट पर 13 करोड़ रुपये ई-शौचालय बनाए जाने पर खर्च करने की प्रक्रिया में है। यह लगभग हर प्रसिद्ध समुद्र तट पर बनाए जाएंगे।
पारुलेकर ने कहा, “हम पहले ही ई-शौचालय के निर्माण के लिए एक कार्य आदेश जारी कर चुके हैं, जिससे हमारे समुद्र तटों को साफ रखने में मदद मिलेगी और गोवा के समुद्र तटों पर आने वाले पर्यटकों को एक महत्वपूर्ण सुविधा मिल सकेगी।”
उन्होंने कहा, “समुद्र तटों पर प्रत्येक ई-शौचालय समूह के साथ एक एकीकृत मिनी-सीवेज उपचार संयंत्र भी बनाया जाएगा, जिससे यह तटों को सफाई सुनिश्चित की जा सकेगी।”
पारुलेकर ने कहा, “हम अपने समुद्र तटों पर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण प्रक्रिया में लगे हैं। हम मीरामार, बागा और कलंगुट तटों पर ई-शौचालय पहले ही बना चुके हैं।”
मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर इसी सप्ताह घोषणा कर चुके हैं कि राज्य 2017 के अंत तक खुले में शौच से 100 प्रतिशत मुक्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए स्थलों की पहचान प्रक्रिया में जुटी है।
गोवा, देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां हर साल करीब 40 लाख पर्यटक आते हैं। इनमें पांच लाख विदेशी पर्यटक होते हैं।
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