मप्र के सरकारी सकूलों में किस्सा-कहानी के जरिए होगी पढ़ाई (संशोधित)

भोपाल, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में बच्चों को कहानी-किस्सों के जरिए पढ़ाई कराने जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को विभाग की ओर से आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग ने पुरातन काल में बच्चों को कहानी सुनाकर शिक्षा दिए जाने की परंपरा को वर्तमान दौर की जरूरत के तौर पर महसूस किया है। विभाग का अभिमत है कि बच्चों को कहानी घर में बुजुर्ग भी सुनाया करते थे, जो बच्चों के स्मृति-पटल पर हमेशा के लिए दर्ज हो जाती थी। इसी बात को ख्याल में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा एक और दो की शिक्षण प्रक्रिया में कहानी सुनाने को शामिल किए जाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही पाठ्यक्रम केा भी कथानक से जोड़कर पढ़ाया जाएगा।

आधिकारिक तौर पर शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, केन्द्र सरकार ने हाल ही में ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ कार्यक्रम के तहत स्कूल के बच्चों में भाषा के ज्ञान को मजबूती देने के लिए कई सुझाव राज्य सरकारों को दिए हैं। इसी के पालन में राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम में कहानी सुनाने को शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों को कहानियां सुनाए जाने के साथ पढ़ाई भी कहानी के अंदाज में होगी, ताकि बच्चों में बोरियत न हो।

राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पहली व दूसरी कक्षा की पढ़ाई कथानक रूप में हो, साथ ही बाल-सभा की गतिविधियों में कहानी सुनने और सुनाने को शामिल किया जाए। सरकारी शालाओं में शिक्षक द्वारा कक्षा में शिक्षण प्रारंभ करने के पहले अनिवार्य रूप से कहानी सुनाई जाए और बाल-सभा में बच्चों को कहानी सुनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने जिले की सरकारी शालाओं में प्राचार्यो के माध्यम से साप्ताहिक बाल-सभा में अभिभावकों या वरिष्ठ नागरिकों को स्थानीय भाषा में बच्चों को कहानी सुनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। कहानी सुनाने की प्रतियोगिता शाला-स्तर पर की जाए, जिसमें बच्चों की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जिला षिक्षाधिकारियों को एक परिपत्र भी भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि कहानियां शिक्षा का शक्तिशाली जरिया होती हैं। वे मजेदार, प्रेरणादायी और चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। कहानी सुनाने का उपयोग गणित और विज्ञान सहित कई तरह के विषयों में आकर्षक तरीके से विषय और समस्याएं प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए विभाग ने कुछ केस स्टडी को भी संबंधित अधिकारियों तक भेजा है।

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