पुलिस के मुताबिक, बीकेटी के बरगदी मगद गांव निवासी शरीफ (35) टेम्पो चालक है। शरीफ के गलत चाल-चलन से नाखुश घरवालों ने उसे संपत्ति से बेदखल कर रखा था। उसके पिता मो. लतीफ व मां सुगरा खातून बरगदी मगठ गांव में रहते हैं। शरीफ अपनी मां से मिलने अक्सर बरगदी गांव आया करता था।
रविवार दोपहर 3 बजे वह मां से मिलने गांव आया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। रात 10 बजे उसका शव नहर पटरी पर स्थित गजरात रावत के खेत में पड़ा मिला।
ग्रामीणों ने उसका शव देखा तो उसे खोज रही उसकी पतनी सबिया को सूचना दी। जानकारी पाकर मृतक की पत्नी घटनास्थल पहुंची और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद तमंचा, छुरी व डंडा कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सीओ (बीकेटी) ममता कुरील ने बताया कि मृत युवक की पत्नी साबिया खातून ने भौली गांव निवासी दुर्गेश, नसीम, मुन्नू, जुम्मन और पप्पू पर नामजद मूकदमा दर्ज कराया है, जिसमें नसीम और दुर्गेश को गिरफ्तार कर लिया है, अन्य तीनों फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद किया है। बकौल पुलिस, मृतक की गर्दन रेतने के साथ उस पर चापड़ से कई बार भी किए गए हैं, जिससे मृतक का दायां कान भी कट गया है।
सीओ ममता ने बताया कि वारदात को पुरानी रंजिश में अंजाम दिया गया है। पहले शरीफ भी भौली गांव में रहता था। वर्ष 2009 में शरीफ ने दुर्गेश के मामा लालता की जुआ खेलने के विवाद में हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद शरीफ ने भौली गांव छोड़ दिया था और बरगदी में रहने लगा था।
dharmpath.com dharmpath