भारत व ब्रिटेन के संबंधों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण : मोदी (लीड-1)

नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत के ब्रिटेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को 21वीं सदी की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था (नॉलेज इकोनॉमी) को सही ढंग से परिभाषित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

मोदी ने भारत, ब्रिटेन प्रौद्योगिकी (टेक) सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कहा,”उद्यमशीलता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की भारत व ब्रिटेन के संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका है।”

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सौर ऊर्जा से संचालित भारत-ब्रिटेन स्वच्छ ऊर्जा आरएंडडी केंद्र की स्थापना के लिए सहमति बनी है। इस केंद्र की स्थापना के लिए दोनों देश एक करोड़ पाउंड का निवेश करेंगे।

उन्होंने कहा कि 1.5 करोड़ पाउंड के संयुक्त निवेश के साथ नई एंटी-माइक्रोबायल रेजिस्टेंस परियोजना पर भी सहमति बन गई है।

मोदी ने कहा, “आज, विश्व एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां प्रौद्योगिकीय उन्नति परिवर्तनशील है। यह जरूरी है कि भारत और ब्रिटेन 21वीं सदी की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए मिलकर काम करें।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में दोनों देशों के समक्ष आर्थिक चुनौतियां हैं जिससे व्यापार और वाणिज्य प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा, “दोनों देशों के समक्ष आर्थिक चुनौतियां हैं जिनसे व्यापार एवं वाणिज्य सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। हम दोनों को मिलकर नए अवसरों का सृजन करना चाहिए।”

मोदी ने थेरेसा मे को प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले भारत की यात्रा करने के लिए धन्यवाद दिया।

मोदी ने कहा, “हमें शिक्षा और अनुसंधान अवसरों में युवा लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए।”

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