नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को 500 और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ (विपक्षी दल) को ‘कष्ट हो रहा है।’
जेटली ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार के फैसले के संबंध में कुछ प्रतिक्रियाएं ‘गैर-जिम्मेदाराना’ हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पर हमला बोला, जिन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को ‘अराजकतावादी’ करार देते हुए इसे कम से कम एक सप्ताह टालने को कहा था।
जेटली ने कहा, “कुछ लोगों को कष्ट हो रहा है। कह रहे हैं, एक सप्ताह का समय दें.. इसके बाद तो पूरा मामला ही पलट जाएगा।”
उन्होंने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के उस बयान की आलोचना भी कि आखिर क्यों लोगों को अपने ही पैसे के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है।
जेटली ने कहा, “आपके अपने ही पैसे पर आपको कर देना होता है। लोगों को यह जानने का अधिकार है कि क्या कांग्रेस ने करों की अदायगी की है?”
सिब्बल ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 500 और 1,000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण का फैसला जल्दबाजी में और अनियोजित तरीके से लिया, जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
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