भुवनेश्वर, 12 नवंबर (आईएएनएस)। विमुद्रीकरण के बाद दैनिक खरीदारी के लिए रुपयों की कमी के चलते ओडिशा में लोग एटीएम मशीनों के बाहर शनिवार को भी लंबी कतारें लगाए खड़े दिखे, लेकिन अधिकतर जगहों पर एटीएम मशीनों में भी रुपये नहीं हैं।
भुवनेश्वर और कटक में एटीएम मशीनों के बाहर टेढ़ी-मेढ़ी लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं और रुपये नहीं मिलने से लोगों में गुस्सा भी देखा गया।
लोगों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब कुछ एटीएम पूरे दिन खुले ही नहीं।
उत्कल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी प्रियंका साहू ने बताया, “मैं सुबह से कतार में लगी हूं। लेकिन जब मेरी बारी आई तो एटीएम मशीन ने मुझे पैसे देने में असमर्थता जता दी। मेरे पास खाने तक के पैसे नहीं हैं। मैंने अपने दोस्तों से जो रुपये लिए थे वे सारे खत्म हो चुके हैं।”
प्रियंका जैसी स्थिति का सामना अनेक लोगों को करना पड़ रहा है।
बैंकों के बाहर भी लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन अनेक लोगों को वहां से भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
ओडिशा घूमने आए विदेशी पर्यटक भी पुराने नोट बदलने के लिए कतार में खड़े नजर आए। कतार में बुजुर्ग नागरिक और महिलाएं भी बड़ी संख्या में लगे रहे।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, “आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि ओडिशा के 4,000 पंचायतों में बैंक हैं ही नहीं।
आरबीआई के महाप्रबंधक शरद प्रसन्ना मोहंती ने बताया, “ऐसे इलाकों में बैंकों ने अपने कर्मचारियों को नियुक्त किया है, जिनसे लोग अपने पुराने नोट बदल सकते हैं।”
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