सासाराम, 12 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शनिवार को हथियारबंद अपराधियों ने एक हिंदी दैनिक के पत्रकार धर्मेद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पुलिस के अनुसार, सुबह अमरा तालाब निवासी और पत्रकार धर्मेद्र सिंह अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे, तभी एक बाइक पर सवार होकर आए तीन अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस उपाधीक्षक आलोक रंजन ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
धर्मेद्र ‘दैनिक भास्कर’ से जुड़े हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, वह अवैध खनन माफियाओं के निशाने पर थे।
पत्रकार की हत्या के बाद सासाराम में पत्रकारों के बीच आक्रोश व्याप्त है। इससे पहले 13 मई को सीवान में हिंदी दैनिक ‘हिंदुस्तान’ के पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
सात महीने के अंदर दो पत्रकारों की हत्या से बिफरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपराध की घटनाओं में वृद्धि के लिए सीधे नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के विधायक नितिन नवीन ने कहा जब पत्रकार जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, वही सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की क्या स्थिति है, समझा जा सकता है।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान और भाजपा के सुशील कुमार मोदी पत्रकार के परिजनों से मिलने सासाराम जाएंगे।
पासवान ने पत्रकार की हत्या पर कहा, “बिहार में आज ‘डबल जंगलराज’ कायम है। लोग सुरक्षित नहीं हैं और मुख्यमंत्री निश्चय यात्रा कर रहे हैं। कौन चीज का निश्चय कर रहे हैं वही जानें।”
इ बीच सत्ता पक्ष के लोग सरकार के बचाव में उतर आए। जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी और मामले की त्वरित सुनवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।
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