कोलकाता, 12 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
कोलकाता, 12 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
ममता ने यह बात तब कही है, जब 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद देशभर में जनता पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों और एटीएम मशीनों के सामने कतार में खड़े होने को मजबूर हो गई है।
बनर्जी ने यहां दक्षिण कोलकाता में कुछ बैंकों का दौरा करने और उपभोक्ताओं व बैंककर्मियों से बात करने के बाद संवाददाताओं से कहा, “इस सरकार को बने रहने का अब कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसे जाना चाहिए। यह एक जन विरोधी सरकार है, यह गरीब विरोधी सरकार है। यह चीजों को चलाने का लोकतांत्रिक तरीका नहीं है। पूरी तानाशाही चल रही है।”
मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ दिनों के दौरान देश को हुए आर्थिक नुकसान की किसी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की भी मांग की।
उन्होंने कहा, “इस आर्थिक आपदा की सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों से जांच कराई जानी चाहिए और जांच इस बात की भी कराई जानी चाहिए कि कहीं यह निर्णय कुछ अन्य को लाभ पहुंचाने के लिए या देश को बेचने के लिए तो नहीं लिया गया है।”
ममता ने राज्य सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “यह निर्णय देश को पीछे ले जाने के लिए लिया गया है। इससे देश अस्थिर हो गया है।”
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर सभी विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे इस कदम के खिलाफ आम जनता की मदद के लिए एकजुट हो जाएं।
ममता ने कहा, “इस आपदा से आम जनता को बचाने के लिए हम सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हो जाएं। मैं मरने से भी नहीं डरती। मैं जनता के साथ रहूंगी।”
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