गंगटोक, 12 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को अपनी भाषा के प्रति प्रेम को देश भक्ति का एक रूप बताया। उन्होंने समझने में सरल एवं सुगम शब्दों के उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन में हिन्दी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती है।
पूर्व एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन में रिजिजू ने कहा, “अगर हमें सरकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है तो हमें अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी काम केवल लोगों की ही भाषा में हो।” उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी के उपयोग को बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास कर रहा है।
सिक्किम के राज्यपाल श्रीनिवास पाटील ने कहा कि भाषा संवाद का एक कारगर माध्यम है और हिन्दी ही वह भाषा है, जो देश में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाती है। उन्होंने हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं को रोजगार के साथ जोड़ने और संघ तथा राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं को अधिक महत्व दिए जाने की जरूरत रेखांकित की।
राज्यपाल ने पूर्वजों की दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि हमारे संविधान के निमार्ताओं ने देवनागरी लिपि के साथ हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया, क्योंकि वे इस भाषा की सुदूर पहुंच से अवगत थे।
इस अवसर पर विभिन्न वर्गो में कुल 34 पुरस्कार प्रदान किए गए। पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्रों के केंद्र प्रमुखों द्वारा वर्ष 2015-16 के लिए वार्षिक राजभाषा रपट भी प्रस्तुत की गई। राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ के नवीनतम संस्करण की सीडी का लोकार्पण भी इस मौके पर किया गया।
dharmpath.com dharmpath