पणजी, 13 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि अर्थशास्त्रियों को उनकी सरकार का आकलन पिछली सरकार की व्यवस्था के मानदंडों का इस्तेमाल कर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके विमुद्रीकरण अभियान के आलोचक अपने ही विचारों में खो गए हैं और वे दोषपूर्ण मानदंडों का मुहरा बने हुए हैं।
मोदी ने कहा, “मैंने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, लेकिन अन्य लोग हैं जो अपने ही विचारों में खोए हुए हैं। वे दूसरों का आकलन अपने ही मानदंड से करते हैं। इस देश की नब्ज को समझने वाले देश के अर्थशास्त्री पिछली सरकार का आकलन इन्हीं मानदंडों के आधार पर करते रहे। अगर उन्होंने इन मानदंडों को बदल दिया होता तो वे इस तरह नहीं सोचते। ”
प्रधानमंत्री गोवा में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वहां उन्होंने दो बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें एक ग्रीनफील्ड नागरिक हवाई अड्डा भी शामिल है।
मोदी ने यह भी कहा कि उनके आठ नवंबर के राष्ट्र के नाम संबोधन का लोगों पर अलग-अलग असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग शांति और प्रसन्नता के साथ से सोते हैं और लाखों लोगों ने नींद के लिए गोलियां खरीदनी शुरू कर दीं लेकिन उन्हें नींद की गोलियां भी नहीं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ देश के ईमानदार लोगों की ताकत का उल्लेख किया।
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