पुलिस के मुताबिक, नंदा सुकमा इलाके में सक्रिय तौर पर काम कर रहा था। उसकी लंबी समय से तलाश थी। इसके खिलाफ नक्सल मामलों के 12 वारंट जारी हुए थे। यह अरलमपल्ली, मेदवाही, तोंगडा, तोंगुडा व तोयापारा जनताना सरकार का अध्यक्ष भी था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि पुलिस को अरलमपल्ली व मेदवाही के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर रविवार की देर रात दोरनापाल थाना से जिला पुलिस व डीआरजी की संयुक्त टीम को ऑपरेशन पर भेजा गया था।
सोमवार को तड़के टीम जब अरलमपल्ली के नजदीक जंगल में पहुंची तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग की। करीब आधे घंटे की मुठभेड़ के बाद नक्सली पुलिस फोर्स को भारी पड़ता देख वहां से भाग गए।
घटनास्थल की तलाशी में एक वर्दीधारी नक्सली का शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त वेंजाम नंदा के तौर की गई। घटनास्थल से पुलिस ने एक राइफल, 12 बोर की बंदूक, वायर व अन्य नक्सल सामग्री बरामद की है।
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