भोपाल, 15 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500-1,000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के बाद बैंक से एक से ज्यादा बार रकम में बदलाव की कोशिश को रोकने के लिए ग्राहक की उंगली पर स्याही लगाने का फैसला लिया गया है। यह स्याही चुनाव में मतदाता को लगाई जाने वाली स्याही जैसी ही होगी या कुछ अलग, इसको लेकर लोगों में उत्सुकता है।
देश में आठ नवंबर की रात से 500-1,000 रुपये के नोट अमान्य घोषित किए जा चुके हैं। इस फैसले के बाद एटीएम से जहां 2,500 रुपये की निकासी हो पा रही है, वहीं 4500 के पुराने नोट बदले जा रहे हैं। सरकार की इस सीमाबंदी का कुछ लोगों ने तोड़ निकालते हुए कई बार 4,500 से ज्यादा के नोट बदलने में सफलता पाई है।
केंद्र सरकार ने 4,500 की रकमएक बार से ज्यादा बदलने की कोशिश को रोकने के लिए मंगलवार को ग्राहक की उंगली पर स्याही लगाने का ऐलान किया। यह स्याही ठीक वैसी ही होगी, जो मतदाता की उंगली पर लगाई जाती है।
मध्यप्रदेश में शहडोल संसदीय क्षेत्र और नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहे हैं और 19 नवंबर को मतदान होना है। केंद्र सरकार द्वारा रकम बदलवाने पर उंगली पर स्याही लगाने के फैसले से इन क्षेत्रों में समस्या खड़ी हो सकती है, क्योंकि जिस ग्राहक की उंगली पर स्याही लगी होगी, उसे वोट डालने से रोका जाएगा और विवाद की स्थिति बनेगी। वहीं इससे छूट दिए जाने पर फर्जी मतदान की भी आशंका बनी रहेगी।
राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस.एस. बंसल ने आईएएनएस को बताया है कि, “बैंक से रकम बदलने पर उंगली पर स्याही लगाने के मामले में चुनाव आयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से बात कर रहा है, आयोग की कोशिश है कि जिन इलाकों में उपचुनाव हो रहे हैं, उन्हें इससे मतदान की तरीख तक दूर रखा जाए।”
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