इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना के कुमाऊं रेजिमेंट तथा नेपाल सेना के जबर जंग बटालियन की सैन्य टुकड़ियों ने भाग लिया। युद्धाभ्यास ‘सूर्य किरण’ दोनों देशों के बीच होनेवाला यह दसवां युद्धाभ्यास था, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने अपने-अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियानों एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अनुभवों को साझा किया।
इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनांे दशों के सैनिकों ने न केवल एक दूसरे के हथियारों एवं उपकरणों से रूबरू हुए, बल्कि आतंकवाद विरोधी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इनकी ऑपरेशनल तकनीकी बारिकियों को समझा। इस दौरान भारतीय सैन्य टुकड़ी को नेपाली सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फायर वेपन्स को चलाने का भी अवसर मिला।
इस युद्धाभ्यास का समापन 72 घंटों तक दोनों देशों के सैनिकों द्वारा घेराबंदी एवं खोज ऑपरेशन एवं मॉक विलेज अभ्यास के साथ हुआ।
थल सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह 11 से 13 नवंबर तक नेपाल के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने युद्धाभ्यास के समापन समारोह का भी अवलोकन किया।
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