भोपाल, 16 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500-1,000 रुपये के नोट अमान्य किए जाने के बाद बैंक से एक से ज्यादा बार रकम में बदलाव की कोशिश को रोकने के लिए ग्राहक की उंगली पर स्याही लगाने के फैसले से उपचुनाव वाले क्षेत्रों को मतदान की तारीख तक दूर रखा गया है।
मध्य प्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. एस. बंसल ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, “राज्य में शहडोल संसदीय क्षेत्र और नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव (19 नवंबर) तक बैंकों में नोट निकासी पर उंगली पर स्याही नहीं लगाई जाएगी।”
बसंल ने आगे कहा, “फिलहाल बैंक से रकम निकासी पर महानगरों में ही उंगली पर स्याही लगाई जा रही है, और उपचुनाव वाले क्षेत्र में इस स्याही के न लगाने का निर्णय हुआ है।”
ज्ञात हो कि देश में आठ नवंबर की रात से 500-1,000 रुपये के नोट अमान्य घोषित किए जा चुके हैं। इस फैसले के बाद एटीएम से जहां 2,500 रुपये की निकासी हो पा रही है, वहीं बैंक शाखाओं से 4,500 रुपये के पुराने नोट बदले जा रहे हैं। सरकार की इस सीमाबंदी के विपरीत कुछ लोगों ने कई बार 4,500 रुपये से अणिक के नोट बदलने में सफलता पाई है।
केंद्र सरकार ने 4,500 की रकम एक बार से ज्यादा बदलने की कोशिश पर रोक लगाने के लिए मंगलवार को ग्राहक की उंगली पर स्याही लगाने का एलान किया था। यह स्याही ठीक वैसी ही होगी, जो मतदाता की उंगली पर लगाई जाती है।
नोट निकासी पर स्याही लगाए जाने के फैसले से मध्य प्रदेश में शहडोल संसदीय क्षेत्र और नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में मतदान के दौरान समस्या पैदा होने की आशंका थी, क्योंकि मतदाता की उंगली पर रकम निकासी की स्याही पहले से लगी होती। इसी को ध्यान में रखकर बैंकों ने इन क्षेत्रों में बैंक से रकम निकासी पर स्याही न लगाने का फैसला किया है।
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