भोपाल, 17 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में कृषि उपज मंडियों में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए राहत देने की कोशिश की गई है। अब कारोबारी मंडी में होने वाले व्यापार का शुल्क चेक के जरिए दे सकेंगे, लेकिन चेक के नगदीकरण की जिम्मेदारी मंडी सचिवों पर होगी।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक राकेश श्रीवास्तव ने बुधवार को सभी मंडी अध्यक्ष, सचिव एवं बोर्ड के आंचलिक कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि मंडी के लाइसेंसी व्यापारियों की सुविधा के लिए अधिसूचित जींसों की खरीदी के बाद देय मंडी शुल्क का भुगतान नकद, आरटीजीएस, बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्स चेक या एकाउंटपेयी चेक के जरिए किया जा सकता है।
निर्देश में कहा गया है कि लाइसेंसी व्यापारी द्वारा मंडी फीस का भुगतान क्रॉस चेक से किया जाता है तो मंडी सचिव का यह दायित्व होगा कि वह लाइसेंसी व्यापारी से लिखित में घोषणा-पत्र प्राप्त करें। इस पर व्यापारी की सील और हस्ताक्षर हों। इसके प्राप्त होने पर ही अनुज्ञा-पत्र (अनुमति पत्र) जारी किया जाए।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि मंडी सचिव बिना विलंब के क्रॉस चेक मंडी के बैंक खाते में जमा कराएं। अगर वह चेक अमान्य, वापस होता है तो संबंधित व्यापारी से मंडी शुल्क वसूली की कार्यवाही की जाए।
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