मुंबई, 19 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक के मुंबई स्थित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) से जुड़े कई ठिकानों पर शनिवार को छापेमारी की और एक बैंक खाते को फ्रीज किया। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एनआईए ने भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आईआरएफ के खिलाफ एक दिन पहले ही मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद शनिवार सुबह छापेमारी शुरू की गई।
शाम में जांच दल ने आईआरएफ व पीस टेलीविजन के अधिकारियों के निवास स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें जाकिर के परिवार के सदस्य शामिल हैं, जो एनजीओ तथा निजी टेलीविजन चैनल में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक लिमिटेड के डोंगरी शाखा स्थित आईआरएफ के खाते को एनआईए ने सील कर दिया। इस खाते से एनजीओ अपने स्कूलों के कर्मचारियों की वेतन अदायगी करता है और अन्य खर्चो को वहन करता है।
एनआईए की टीम ने मुंबई में आईआरएफ और उससे संबद्ध लगभग आठ स्थानों पर छापेमारी की। इसमें दक्षिण मुंबई में डोंगरी क्षेत्र स्थित आईआरएफ का मुख्यालय भी शामिल है।
आईआरएफ के मुख्य कार्यालय के अलावा, चार अन्य शाखाओं, एक पुराने कार्यालय, एक महिला केंद्र तथा पीस टीवी पर नाइक के कार्यक्रम को तैयार करने वाले एक कार्यालय पर छापेमारी को अंजाम दिया गया।
एनआईए की टीम ने अक्टूबर के मध्य में मुंबई पुलिस से यह मामला अपने हाथ में ले लिया था। एनआईए ने शनिवार को दोपहर तक लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है।
छापेमारी में बरामद सामग्री व दस्तावेजों के बारे में शाम तक कोई सूचना नहीं दी गई।
नाइक और आईआरएफ दुष्प्रचार, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और बढ़ावा देने, समुदायों के बीच द्वेष बढ़ाने तथा आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के संदेह में जांच के दायरे में हैं।
नाइक फिलहाल देश से बाहर हैं। वह पिछले कुछ महीनों से यहां नहीं हैं। वह अपने पिता अब्दुल के. नाइक की अंत्येष्टि में भाग लेने भी भारत नहीं पहुंचे, जिनका 30 अक्टूबर को निधन हो गया।
बांग्लादेश में हुए आतंकवादी हमले से जुड़े आतंकवादियों के नाइक के भाषण से प्रेरित होने की बातें सामने आने के बाद से ही आईआरएफ रडार पर है।
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