उन्होंने कहा कि पिछड़ों के नाम पर 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सिर्फ एक जाति व इटावा के पड़ोसी जिले के लोगों को दिया। वह 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के नाम पर 2004 से ही बेवकूफ बनाते आ रहे हैं।
अपने जारी बयान में निषाद ने कहा कि मुलायम जो अपने अधिकार क्षेत्र का काम है, उसे न कर क्रेंद्र सरकार व भारतीय संसद के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा उछालकर अतिपिछड़ों को झूठा छलावा देकर वोट बैंक की राजनीति करते आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव-2017 में 17 अतिपिछड़ी जातियों के साथ अन्य अतिपिछड़ी, अत्यंत पिछड़ी व वंचित जातियां सपा से अपने साथ हुए सामाजिक अन्याय व अपमान का बदला लेंगी।
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