नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने शहरी गरीबों के लिए देश के 2329 शहरों में 12,83,616 रियायती मकानों को बनाने की मंजूरी दी है। यह जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन के 10 वर्षो के 12,40,968 मकानों के लक्ष्य की तुलना में अधिक है।
मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए आवास एवं शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि उनके मंत्रालय ने मंगलवार को सात राज्यों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के लिए 1,97,402 मकान निर्माण को स्वीकृति दी।
इससे बहुत कम अवधि में जेएनएनयूआरएम के लक्ष्य को पार करने में सफलता मिली है। मंगलवार को मंत्रालय द्वारा जिन राज्यों में किफायती मकानों को मंजूरी दी गई, उनमें तमिलनाडू 3,714 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1,13,327 मकान, कर्नाटक 31,880 मकान (1,186 करोड़ रुपये), गुजरात 18,248 मकान (1,096 करोड़ रुपये), मध्य प्रदेश 16448 (813 करोड़ रुपये), पंजाब 16,187 (447 करोड़ रुपये), राजस्थान 1,280 (50 करोड़ रुपये) तथा मेघालय 32 मकान (1.00 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
सरकार द्वारा नोटबंदी की घोषण पर वेंकैया नायडू ने कहा कि इस कदम से रियल स्टेट क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे कीमतों में स्थिरता आएगी और इस क्षेत्र में नई समान्य स्थिति बनेगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित आय वाले और वेतनभोगी लोग किफायती मकान खरीदते हैं। इससे आवास क्षेत्र को मदद मिलेगी। नायडू ने कहा कि इस विषय में रियल सेक्टर के प्रतिनिधियों की राय जानने के लिए वे जल्द बैठक करेंगे।
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