भोजपुरी सिनेमा पहले से परिपक्व : विक्रांत सिंह

पटना, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भोजपुरी सिनेमा के ‘फिटनेस आईकॉन’ माने जाने वाले चर्चित अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत का कहना है कि भोजपुरी सिनेमा अब काफी परिपक्व और समृद्ध हो चुका है। भोजपुरी फिल्म के पास अपने खास दर्शक हैं और निर्माता-निर्देशक भी हैं।

पटना, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भोजपुरी सिनेमा के ‘फिटनेस आईकॉन’ माने जाने वाले चर्चित अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत का कहना है कि भोजपुरी सिनेमा अब काफी परिपक्व और समृद्ध हो चुका है। भोजपुरी फिल्म के पास अपने खास दर्शक हैं और निर्माता-निर्देशक भी हैं।

चर्चित भोजपुरी फिल्म ‘नथुनिये पर गोली मारे’ के रीमेक ‘नथुनिये पे गोली मारे-2’ की शूटिंग कर रहे विक्रांत कहते हैं, “इस फिल्म में एक्शन, सस्पेंस, रोमांस और ड्रामा है। फिल्म के शूटिंग का पहला शेड्यूल हाल ही में गुजरात के राजपिपला में खत्म हुआ है और दूसरा शेड्यूल जल्द ही मुम्बई में प्रारंभ होने वाला है।”

भोजपुरी सिनेमा के सबसे स्मार्ट और फिट अभिनेता माने जाने वाले विक्रांत ने एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘मुन्ना बजरंगी’ के साथ भोजपुरी सिनेमा में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

भोजपुरी फिल्म ‘दूल्हा अलबेला’, ‘पायल’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘कर्तव्य’, ‘सैंया तूफानी’, ‘प्रेम लीला’ जैसी लगभग एक दर्जन से भी अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके विक्रांत ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा, “भूमिका का चयन करने में सावधानी बरतना मेरा पहला काम है, क्योंकि मुझे मालूम है कि एक गलत कदम मुझे काम से बाहर करा सकता है। भोजपुरी फिल्म उद्योग में अपने फिल्मों के चयन से मैं खुद एक अलग ‘स्टैंडर्ड सेट’ कर चुका हूं, इसलिए मैं हिट फिल्में देने का दबाव भी महसूस करता हूं। यहां गलाकाट प्रतिस्पर्धा है।”

अपनी कामयाबी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “बचपन से अभिनय का शौक था। स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया करता था। जब कुछ दिनों बाद घर वालों को इसका पता चला तो वे नाराज होने के बजाए खुश हुए थे।”

विक्रांत ने कहा, “घरवालों का पूरा सपोर्ट रहा और मेरे पापा खुद मुझे खुशी-खुशी मुम्बई छोड़ने आए थे। हां, यहां आकर काम खोजने में थोड़ी मेहनत जरूर करनी पड़ी। ‘मुन्ना बजरंगी’ मेरी पहली फिल्म थी और उसके बाद पीछे मुड़ कर नहीं देखना पड़ा। अब कई सारी फिल्में आ चुकी हैं। घर के लोगों से खुद की तारीफ सुनता हूं, तो खुशी होती है।”

विक्रांत फिल्मों को लेकर काफी जागरूक भी रहते हैं। उन्होंने कहा, “पिछले कई सालों में मैंने विभिन्न किरदार निभाए और समय के साथ फिल्मों की अच्छी समझ भी बनती गई। मेरे हिसाब से एक उम्दा फिल्म, इंडस्ट्री के प्रति आपका नजरिया ही बदल देती है और नजरिया बदलने से कई समस्याएं खुद हल हो जाती हैं। आपके ²ष्टिकोण में भी बदलाव आता है। तब आप छोटी-छोटी चीजों को लेकर मायूस नहीं होते। मैं इसी कोशिश में हूं कि मेरी फिल्म हर किसी की उम्मीदों पर खरा उतरे।”

विक्रांत की आने वाली फिल्मों में ‘मिलन एक संजोग’, ‘जय श्री राम’, ‘नथुनिए पे गोली मारे-2’ शामिल हैं, और इसके अतिरिक्त कुछ अनाम फिल्मों पर बात चल रही है।

फिटनेस की चर्चा होते ही विक्रांत कहते हैं कि व्यस्त शेड्यूल के बीच फिटनेस और शूटिंग में सामंजस्य बिठाना मुश्किल है।

वह कहते हैं, “शूटिंग के दौरान भी मैं हर रोज 30 मिनट तक कार्डियो करता हूं, जिसमें दौड़ना, जॉगिंग और किक बॉक्सिंग शामिल होता है। वेट लिफ्टिंग मेरे वर्कआउट का खास हिस्सा है।”

उन्होंने कहा, “तनाव और थकान दूर करने के लिए लंबी राइड पर चला जाता हूं या फिर हॉलीवुड फिल्मंे देख लेता हूं। इनसे मुझे बेहद खुशी मिलती है।”

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