पटना, 23 नवंबर (आईएएनएस) बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया कि बिहार में एक और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे दूसरे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए दो साल बाद भी राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने में विफल रही है।
मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री के निर्देश पर वर्ष 2015-16 के अपने बजट भाषण में बिहार में एक और एम्स जैसे संस्थान खोलने की घोषणा की थी।
इसके बाद से अब तक भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स निर्माण के लिए पानी, बिजली और सड़क सम्पर्कता वाली 200 एकड़ जमीन का चयन कर सूचित करने के लिए आधे दर्जन से अधिक पत्र बिहार सरकार को लिख चुके हैं परंतु राज्य सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के लगातार पत्र लिखे जाने के बाद अब मामले को उलझाने के लिए राज्य सरकार जिला का चयन करने के लिए केंद्र सरकार को ही कह रही है, जबकि जिला का चयन और जमीन उपलब्ध कराना राज्य का दायित्व है।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार नहीं चाहती है कि बिहार में केंद्र सरकार का कोई बड़ा संस्थान खुले और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले। यही कारण है कि दो साल बाद भी राज्य सरकार एम्स के लिए जमीन और जिला का चयन नहीं कर सकी है।
उल्लेखनीय है कि पटना में एक एम्स पहले से ही है।
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