पणजी, 24 नवंबर (आईएएनएस)। गोवा के पणजी में हो रहे 47वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव (इफ्फी) के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वर्ग में भारतीय समाज की कुप्रथाओं पर केंद्रित फिल्म ‘इष्टि:’ और परिस्थितियों की चुनौती का मुकाबला कर रहे एक परिवार के संघर्ष को दर्शाती फिल्म ‘सहज पाथेर गप्पो’ (सरलता के रंग) होंगी। फिल्म समारोह निदेशालय ने इन दो भारतीय फिल्मों के नामों की घोषणा की है।
पणजी, 24 नवंबर (आईएएनएस)। गोवा के पणजी में हो रहे 47वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव (इफ्फी) के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वर्ग में भारतीय समाज की कुप्रथाओं पर केंद्रित फिल्म ‘इष्टि:’ और परिस्थितियों की चुनौती का मुकाबला कर रहे एक परिवार के संघर्ष को दर्शाती फिल्म ‘सहज पाथेर गप्पो’ (सरलता के रंग) होंगी। फिल्म समारोह निदेशालय ने इन दो भारतीय फिल्मों के नामों की घोषणा की है।
13 अन्य फिल्मों की घोषणा एक नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वर्ग में विश्व की 15 फिल्में हैं, जिनमें भारतीय पैनोरमा वर्ग की यह दो फिल्में शामिल हैं।
‘इष्टि:’ संस्कृत भाषा की फिल्म है जो 20वीं सदी के मध्यकाल के केरल पर आधारित है। इस फिल्म में नंबूदीरी ब्राह्मण समाज का एक युवा अपने समुदाय की वंश प्रधान परंपरा की रूढ़िवादिता को चुनौती देता है। ‘इष्टि:’ संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ स्वयं की खोज है।
मानस मुकुल पाल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सहज पाथेर गप्पो’ (सरलता के रंग) में एक परिवार के कठिन दौर के संघर्ष की कहानी दर्शाई गई है। इसमें दो भाइयों पर कहानी केंद्रित कर बच्चों के समय से पहले परिपक्व होने और उनकी इच्छाओं को मारने के बारे में बताया गया है।
जूरी द्वारा इन फिल्मों का आकलन किया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ नायक, सर्वश्रेष्ठ नायिका तथा विशेष जूरी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस वर्ग में ‘अकार्डिग टू हर’, ‘डॉटर’, ‘हाउस ऑफ अदर्स’, ‘आई, ओल्गा हेप्नारोवा’, ‘मेलो मड’, ‘नेली’, ‘पर्सनल अफेयर्स’, ‘रऊफ’, ‘स्केयर्ड हार्ट्स’, ‘द लास्ट फैमिली’, ‘द लांग नाइट ऑफ फ्रांसिस्को सेंक्टिस’, ‘द थ्रोन’, ‘द स्टूडेंट’, ‘इष्टि:’ और ‘सहज पाथेर गप्पो’ फिल्में शामिल हैं।
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