छतरपुर, 24 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में छतरपुर जिले में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां आयोजित समारोह में ऐसी महिलाओं ने फेरे लिए जिनकी कई वर्ष पहले शादी हो चुकी है और दुधमुंहे बच्चों की मां हैं। महिला बाल विकास राज्य मंत्री ललिता यादव ने जांच के आदेश दिए हैं।
सूत्रों ने कहा कि बुधवार को सटई नगर पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित समारोह में 300 शादियां हुई, इसमें कई ऐसे जोड़ों की भी शादी हुई जिनकी पूर्व में शादी हो चुकी थी और उनके दुधमुंहे बच्चे भी थे।
पहले से शादीशुदा कुछ जोड़ों ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें एक दलाल यहां लेकर आया और उसने फायदा देने का प्रलोभन दिया था, लिहाजा वे यहां चले आए। इस समारोह में शादी कराने पहुंची कई महिलाओं के गोद में बच्चे तक थे।
बिजावर क्षेत्र के विधायक पुष्पेंद्र नाथ पाठक ने आईएएनएस से गुरुवार को कहा, “उनकी मौजूदगी में कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जिनमें एक भी ऐसा नहीं था, जो पूर्व से विवाहित हो, उन्हें खुद गुरुवार को मीडिया रिपोर्ट से इस बात का पता चला कि कई जोड़े ऐसे थे जो विवाहित थे, अगर ऐसा हुआ है तो वह योजना का दुरुपयोग है।”
वहीं राज्य की महिला बाल विकास मंत्री ललिता यादव ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, “विवाहितों की दोबारा शादी कराने का मामला सामने आया है, जिलाधिकारी को इस मामले की जांच के लिए कहा गया है, यह पता लगाया जाएगा कि पंजीयन कहां हुए थे, दलाल कौन है।”
गौरतलब है किराज्य में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत विवाह कराने पर जोड़े को 17 हजार रुपये नकद और आठ हजार रुपये का सामान दिया जाता है। यह लाभ पाने के लिए ही कुछ दलालों ने साजिश रचकर विवाहितों के दोबारा विवाह करा दिए।
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