नई दिल्ली, 26 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सरकार पर आश्चर्यजनक रूप से नोटबंदी के फैसले को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक को अंधेरे में रखने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपनी स्वायत्तता कुर्बान कर दी।
नई दिल्ली, 26 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने सरकार पर आश्चर्यजनक रूप से नोटबंदी के फैसले को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक को अंधेरे में रखने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपनी स्वायत्तता कुर्बान कर दी।
पार्टी के प्रवक्ता जयराम रमेश ने कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड में लिखे लेख में कहा है, उर्जित पटेल या तो नोटबंदी पर भारतीय रिजर्व बैंक की तैयारी को लेकर देश को गुमराह करने के दोषी हैं या उन्होंने आरबीआई की स्वायत्तता की कुर्बानी दी है। दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
रमेश ने कहा, “आरबीआई भारतीय मुद्रा का प्राधिकरण है। देश के सभी नागरिकों को बैंक से मुद्रा उपलब्ध कराने के लिए यही पूरी तरह से जिम्मेदार है। यदि प्रधानमंत्री की नोटबंदी योजना को पटेल के नेतृत्व में आरबीआई ने स्वीकृति दी तो स्पष्ट तौर पर आरबीआई आसानी से मुद्रा उपलब्ध कराने को लेकर आश्वस्त था।”
उन्होंने कहा है कि लेकिन पर्याप्त नोट नहीं हैं और यह कमी यदि महीनों नहीं तो कम से कम अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
पिछले दो हफ्ते से जारी इस पूरे मुद्रा संकट पर आरबीआई के गवर्नर की भावहीन चुप्पी पर सवाल उठाते हुए रमेश ने कहा कि केंद्रीय बैंक स्वतंत्र और स्वायत्त है और उसे मौजूदा हालात को स्पष्ट करने की जरूरत है।
इस घोर संकट के दौर में देश के मुद्रा संकट के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार आरबीआई के प्रमुख को स्थिति स्पष्ट करते और देश को भरोसा देते नहीं देखा जा सकता?
आरबीआई के गवर्नर ने सर्वोच्च बैंक की स्वतंत्रता को कुर्बान कर दिया है और हो सकता है कि वह नोटबंदी की इस पूरी प्रक्रिया पर अपने नजरिए को लेकर ईमानदार नहीं हों।
नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस साल सितंबर में पटेल को आरबीआई का गवर्नर नियुक्त किया है।
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