चेन्नई, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को कहा कि भविष्य निधि में गैर योगदान के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के छह अधिकारियों और निजी कंपनियों के प्रमुखों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
यहां एक जारी बयान में सीबीआई ने कहा कि 19 जगहों की तलाशी ली गई, जिनमें आरोपित अधिकारियों के आवासीय परिसर और कंपनियां भी शामिल हैं।
सीबीआई ने कहा कि सीपी अक्वा कल्चर इंडिया लिमिटेड, एमएसएस मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, एसवाई कंसल्टेंट, इफिसिएंट मैनेजमेंट कंसल्टेंट, चन्नई, कलानीति कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई, विश्वकर्मा कंस्ट्रक्शंस, चेन्नई, सुक्रा कंट्रक्शंस, चेन्नई, स्टेप स्टोन प्रोमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई और अद्यार आनंद भवन, चेन्नई के परिसरों में तलाशी ली गई।
सीबीआई ने कहा कि तलाशी के दौरान 535 दस्तावेज और कंप्यूटर के तीन हार्ड डिस्क जब्त किए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार, चेन्नई स्थित ईपीएफओ कार्यालय के सेक्शन सुपरवाइजर एम.थंगावेल, प्रवर्तन अधिकारी-डी. विजय कुमार, आर. विमला, रमानन और निजी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व प्रबंधन साझीदारों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि थंगावेल और अन्य प्रवर्तन अधिकारियों ने ईपीएफओ को धोखा देने के लिए कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व प्रबंधन साझीदारों के साथ मिलकर साजिश रची और अवैध लाभ प्राप्त किए। आरोपित कंपनियों ने भविष्य निधि में योगदान , बकाया और जुर्माना के भुगतान से बचने के लिए फर्जी और बनावटी भविष्य निधि रिटर्न भरे थे।
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