नोटबंदी के 35 दिनों बाद भी कतार जस की तस

नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। नोटबंदी के 35 दिनों बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर बुधवार को भी भीड़ जमा रही। लोग रुपये निकालने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए।

नोटबंदी की घोषणा के बाद से बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इससे लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

नांगलोई मेट्रो स्टेशन के निकट पंजाब नेशनल बैंक के बाहर कम से कम 150 लोग सुबह करीब 8 बजे से लाइन में लगे हुए थे, जबकि बैंक खुलने का समय दस बजे से है।

एक निजी क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी ने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि यह फैसला गरीब विरोधी है।

बैंक के सामने एक पान बेचने वाले दुकानदार असगर ने आईएएनएस से कहा, “अब तक मैंने सिर्फ गरीब, मजदूर वर्ग को कतारों में खड़े होते देखा है। अभी तक किसी वकील, पुलिस अधिकारी, न्यायाधीश या किसी नेता को कतार में खड़े होते या इंतजार करते नहीं देखा है।”

असगर ने कहा, “अमीर लोगों के पास कतार में खड़ा होकर इंतजार करने का समय नहीं है, उनका पूरा पैसा पिछले रास्तों से बिना लाइन लगाए जमा कर दिया गया है।”

उन्होंने कहा, “बैंकों के बाहर लोग रात में ही 10 बजे तक डट जाते हैं। यहीं सोते हैं या बातें करते रहते हैं। कोशिश यही होती है कि सुबह जल्द से जल्द नकदी निकालकर अपने कार्यस्थलों पर जा सकें और अनुपस्थित होने से बच जाएं।”

बैंक के बाहर फल की दुकान लगाने वाले एक दूसरे व्यक्ति ने आईएएनएस से कहा कि लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होने के पीड़ा को कम करने के लिए ‘रिले रेस’ के तरीके को अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा दोस्त पहले से ही लाइन में खड़ा है, जब वह थक जाएगा तो उसकी जगह मैं लाइन में रहूंगा। एक दूसरे दोस्त के आने के बाद मैं अपनी रेहड़ी पर चला जाऊंगा। इस तरह से मेरे काम में घाटा नहीं होगा और कोई न कोई रेहड़ी पर भी रहेगा।”

कनॉट प्लेस में एटीएम के बाहर लाइनें ठीक वैसी ही दिखीं जैसी नोटबंदी के अगले दिन दिखी थीं।

कनॉट प्लेस में एक लॉजिस्टिक कंपनी के अधिकारी अपूर्व अग्निहोत्री ने आईएएनएस से कहा, “आखिरकार दो घंटे लाइन में इंतजार करने के बाद मुझे पैसे मिल गए। मैं बीते कई दिनों से बिना नकद काम चला रहा था और लंबी लाइनों को देखकर घर चला जाता था, लेकिन अब बिना नकदी के काम नहीं चल पा रहा था।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493