नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी के ट्विटर अकाउंट हैक करने वाले गिरोह का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने पांच देशों से सहायता मांगी है।
इस करतूत की लेगियॉन नाम के जिस हैकिंग गिरोह ने जिम्मेदारी ली है, इंटरनेट सर्विस प्रदाताओं के लिए उसका रहस्य अब भी बरकरार है। कांग्रेस के सदस्यों की ओर से एक शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एनडीटीवी समूह के दो पत्रकारों बरखा दत्त और रवीश मिश्र के अकाउंट भी हैक हुए थे लेकिन पुलिस की साइबर सेल को उनकी शिकायत अभी नहीं मिली है।
हैकिंग मामले के प्राथमिक जांच के दौरान पुलिस स्वीडन, रोमानिया, अमेरिका, कनाडा और थाइलैंड के आईपी एड्रेस का पता लगा सकती है।
जांचकर्ता यह जानना चाहते हैं कि यदि हैकरों ने कहीं बाहर से इन देशों के सर्वरों का इस्तेमाल किया है या वे राहुल और उनकी पार्टी की माइक्रो ब्लागिंग साइट को तोड़ते वक्त वास्तव में वहां थे।
साइबर सेल के पुलस उपायुक्त अनीश राय ने आईएएनएस से कहा, “हमलोगों ने ट्विटर से आईपी लॉग पा लिया है। पूरी जांच के बाद इन आईपी लॉग का ब्योरा पांच देशों के इंटरनेट सर्विस प्रदाताओं को भेजा गया है। हम लोगों को अभी हैकर के खाते और एड्रेस का विस्तृत विवरण हासिल करना है।”
यह पूछने पर कि क्या यह काम ट्विटर हैकरों के ग्रुप लेगियॉन ने किया है, राय ने कहा कि यह ग्रुप खुद इन माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स को हैक करने की जिम्मेदारी ले रहा है लेकिन हमें अभी वास्तविक हैकरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मामले की अभी जांच की जा रही है। राय ने कहा कि हैकिंग के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस बेंगलुरु स्थिति ट्विटर के अधिकारियों की भी मदद ले रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66(सी) के तहत दो प्राथमिकियां दर्ज होने के बाद साइबर सेल को मामले की जांच में लगाया गया है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दोनों अकाउंट हैक होने और उसके बाद लगातार उन पर गालियों से भरे संदेश डाले जाने के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में एक दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी।
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