नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाय के..मौला मौला मौला मेरे मौला..’ जैसे नज्मों से नियाजी-निजामी भाइयों ने सूफी संगीत से सजी महमिल में लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मौका था राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भावपूर्ण सूफी संगीत कार्यक्रम का, जिसमें प्रसिद्ध कव्वाली गायक नियाजी निजामी भाइयों ने अपने सूफी गीतों से माहौल को सूफियाना कर दिया।
नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाय के..मौला मौला मौला मेरे मौला..’ जैसे नज्मों से नियाजी-निजामी भाइयों ने सूफी संगीत से सजी महमिल में लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मौका था राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भावपूर्ण सूफी संगीत कार्यक्रम का, जिसमें प्रसिद्ध कव्वाली गायक नियाजी निजामी भाइयों ने अपने सूफी गीतों से माहौल को सूफियाना कर दिया।
दिल्ली के जाने-माने व्यवसायी संजय डालमिया और सेलिब्रिटी ज्योतिषी जय मदान द्वारा रविवार की रात आयोजित इस सूफी शाम में फिल्म रॉकस्टार के प्रसिद्ध ‘कुन फाया कुन’ और दरगाह हजरत निजामुद्दीन के गायक घरानों की कव्वाली जोड़ी सुल्तान नियाजी और उस्मान नियाजी सहित आमिर नियाजी और अन्य नियाजी बंधुओं ने दर्शकों के बीच अपनी मदभरी आवाज से ‘मौला मौला मौला मेरे मौला’..’छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाय के’, ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ और ‘मन कुंतो मौला’ जैसी कई नज्मों से महफिल में जादुई समां बांध दिया।
इस सूफी महफिल में यूं तो नियाजी भाइयों की सभी नज्मों ने तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी, लेकिन जब बारी विश्व प्रसिद्ध सूफी संगीतकार अमीर खुसरो के ‘छाप तिलक सब छीनी’ की आई तो दर्शकदीर्घा में बैठे मेहमान खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर बैठे सूफी संगीतकारों व गायकों के साथ खुद भी कदमताल मिलाते हुए इस गीत में शामिल हो गए। महफिल में मौजूद सभी लोग नियाजी भाइयों की धुन पर साथ-साथ गाते और झूमते नजर आए।
वहीं, मौला..मौला..मौला..मेरे मौला..गीत ने जैसे लोगों को सूफियाना रंग में रंग दिया। दर्शकों ने खुद को भुलाकर इस गीत का आनंद लिया और वाह..वाह..व जोरदार तालियों के साथ नियाजी भाइयों और मंच पर प्रस्तुति दे रहे हर एक कलाकार की हौसला अफजाई की।
इस सूफी शाम में डालमिया परिवार के साथ रेडिको खेतान लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रख्यात उद्योगपति डॉ. ललित खेतान, स्वरूप एंड कंपनी के साझेदार शैलेंद्र स्वरूप, भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली विधानसभा के पूर्व सदस्य अनिल झा वत्स और प्रसिद्ध उद्योगपति एम.के मोदी सहित कई मेहमानों ने सूफी संगीत शाम का आनंद लिया।
इस महफिल में सूफी कलामों से लोगों को सरोबार करने वाले आमिर निजामी ने इस शाम की खासियत के बारे में बताया, “मेरे साथ-साथ एक के बाद एक कई कलाकार सूफियाना कलाम लोगों के सामने पेश करेंगे। आज की शाम सूफी संगीत के नाम है, और इस शाम की खासियत यह है कि इसमें प्रस्तुति देने वाले सभी कव्वाल दरगाह निजामुद्दीन औलिया के हैं और हम सभी की कोशिश लोगों को असल सूफी संगीत से रूबरू कराने की है। हमने इसमें अधिकांश सूफी कलाम ही पेश किए हैं। हमारी उम्मीद है कि इस महफिल से लोगों को असल सूफी संगीत का आनंद मिला है।”
चिलचिलाती ठंड में सूफी संगीत के जादू ने लोगों को उत्साह और जोश से लबरेज कर दिया। शाम आठ बजे से शुरू हुई महफिल में नियाजी भाइयों की एक के बाद एक दिलकश गीतों ने लोगों को कड़कती ठंड में भी सूफियाना संगीत की गर्मी का अहसास कराया। उन्होंने लोगों की फरमाइश पर अपनी कुछ खास सूफी रचनाएं पेश कीं और अपनी गायिकी, आलाप, तान और मुरकियों से खूब वाहवाही लूटी।
सूफी शाम के आयोजक संजय डालमिया बताते हैं, “इस संगीत की महफिल का आयोजन कर मैं वाकई बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मुझे सूफी संगीत और कव्वालियां सुनना पसंद है और मैं चाहता हूं कि हर कोई इस संगीत के जादू से वाकिफ हो। यह रूह को सुकून देने वाला है, जिसका अनुभव हर किसी को होना चाहिए।”
कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट से स्परिचुअल काउंसलिंग (आध्यात्मिक परामर्श) में डॉक्टर की उपाधि हासिल कर चुकी देश की जानी-मानी ज्योतिषी जय मदान ने इस कार्यक्रम के बारे में बताया, “इस कार्यक्रम का आयोजित करने का उद्देश्य इसमें शामिल होने वाले मेहमानों का न केवल मनोरंजन करना है, बल्कि उनका सूफी संगीत से परिचय कराना भी है।”
उन्होंने बताया, “हमने इस महफिल के लिए देश के प्रसिद्ध नियाजी भाइयों को बुलाया, ताकि यहां मौजूद लोग असली सूफी संगीत से रूबरू हो सकें और उसकी लुत्फ उठा सकें।”
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