प्रधानमंत्री का अर्थव्यवस्था में वित्तीय बाजारों की भूमिका पर जोर (लीड-3)

रायगढ़ (महाराष्ट्र), 24 दिसंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में वित्तीय बाजारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, लेकिन उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर इन्हें सही प्रकार से विनियमित नहीं किया गया, तो इससे नुकसान भी हो सकता है।

शेयर बाजार नियामक ‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (सेबी) द्वारा संचालित ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स’ (एनआईएम) के नए परिसर का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि भारत का अच्छी तरह विनयिमित प्रतिभूति बाजारों के लिए अच्छा नाम है और ये प्रभावी ढंग से काम करें, इसके लिए प्रतिभागियों को अच्छी तरह वाकिफ रहने की जरूरत है।

मोदी ने कहा, “सरकार स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए बेहद उत्सुक है..स्टार्ट-अप प्रणाली के लिए शेयर बाजार बेहद महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “वित्तीय बाजार आधुनिक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वे बचत जुटाने में मदद करते हैं। वे बचत को उत्पादक निवेश की दिशा में लगाते हैं।”

मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि वित्तीय बाजारों को अगर ठीक से विनियमित नहीं किया गया, तो ये नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने कहा, “व्यापार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के प्रसार और डिपॉजिटरीज के प्रयोग ने हमारे बाजारों को अधिक पारदर्शी बना दिया है।”

मोदी ने कहा, “हमारे बाजारों को साबित करना चाहिए कि वे हमारी विशाल आबादी को फायदा पहुंचाने वाली परियोजनाओं के लिए सफलतापूर्वक पूंजी जुटा सकते हैं।”

मोदी ने कहा, “मेरी आपसे यही मांग है कि बुनियादी ढांचे के लिए लंबी अवधि के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के लिए पूंजी बाजारों को सक्षम बनाएं। आज केवल सरकारी या विश्व बैंक या जेआईसीए (जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी) जैसे बाहरी ऋणदाता ही बुनियादी ढांचे के लिए पूंजी उपलब्ध कराते हैं..बॉण्ड बाजारों को बुनियादी ढांचे के लिए लंबी अवधि के लिए पूंजी उपलब्ध कराना चाहिए।”

उन्होंने कहा, दूसरी बात यह है कि बाजारों को समाज के बड़े वर्ग यानी किसानों को लाभान्वित करना चाहिए।

मोदी ने आग्रह किया, “(शेयर बाजारों की) सफलता का सही मापदंड गांवों में उसके प्रभाव में है, दलाल स्ट्रीट या लुटियन्स दिल्ली में नहीं है। सेबी को किसानों के लाभ के लिए ई-नाम (इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चरल मार्केट) जैसे हाजिर बाजारों और डेरिवेटिव्ज बाजारों को जोड़ने पर काम करना चाहिए।”

मोदी ने कहा कि तीन साल से भी कम समय में उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है।

उन्होंने कहा, “2012-2013 में राजकोषीय घाटा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था, मुद्रा तेजी से गिर रही था, मुद्रास्फीति अधिक थी और चालू खाता घाटा बढ़ गया था।”

उन्होंने कहा, “हमने राजकोषीय घाटे कम कर दिया है, सार्वजनिक निवेश में वृद्धि हुई है, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ गया है, मुद्रास्फीति चार प्रतिशत सेकम है, जो कि पिछले शासन में लगभग दो अंकों में थी।”

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में भारत का भविष्य उज्‍जवल है और सरकार अल्पकालिक लाभ के लिए फैसले नहीं लेगी और देश के हित में कठिन निर्णय लेने से भी नहीं डरेगी।

मोदी ने कहा, “मेरा लक्ष्य भारत को एक पीढ़ी में विकसित बनाना है।”

मोदी भारतीय वायुसेना के एक विमान से महाराष्ट्र के दिनभर के दौरे पर यहां पहुंचे। यहां वह दिनभर के कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

मोदी छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दोपहर पहुंचे, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और कई अन्य शीर्ष अधिकारियों ने उनकी अगुवाई की।

वह मुंबई के मरीन ड्राइव तट से करीब 1.5 किलोमीटर दूर अरब सागर में बनने जा रहे शिवाजी स्मारक और प्रतिमा के लिए ‘भूमिपूजन’ के बाद बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स गए और वहां विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

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