मोदी नोटबंदी पर श्वेतपत्र जारी करें : राहुल (लीड-2)

नई दिल्ली, 28 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी को लेकर बुधवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने नोटबंदी का सच सामने लाने के लिए प्रधानमंत्री से श्वेत पत्र जारी करने को कहा।

राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी से आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित करने के बाद से अब तक बरामद की गई वास्तविक धनराशि का खुलासा करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “मोदीजी बताएं कि 8 नवंबर के बाद से अब तक कितना कालाधन बरामद हुआ है?”

उन्होंने यह भी जानना चाहिए कि मोदी स्विट्जरलैंड की सरकार द्वारा मुहैया कराए गए स्विस बैंक के खाताधारकों के नामों की सूची संसद में कब बताएंगे?

राहुल ने यहां कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, “हम जानना चाहते हैं कि चोर कौन है? मोदीजी ने देश के 50 परिवारों और एक प्रतिशत अत्यंत धनवान लोगों के लिए के लिए नोटबंदी ‘यज्ञ’ किया है।”

राहुल ने कहा, “कई लोगों को, जिनमें गरीब, छोटे व्यापारी, किसान और युवा अधिक हैं, नोटबंदी के कारण बहुत अधिक कष्ट झेलना पड़ा है,नुकसान झेलना पड़ा है। सरकार को इन्हें मुआवजा देना चाहिए।”

उन्होंने मोदी को यह बताने को कहा कि ‘नोटबंदी के कारण देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है।’ इसके साथ ही उन्होंने पांच सवालों की सूची निकाली।

उन्होंने पूछा, “इस नीति की घोषणा के बाद से कितनी नौकरियां चली गई हैं? नोटबंदी के कारण कितने लोगों की जान चली गई? सरकार ने मृतकों के परिवारों को कोई मुआवजा क्यों नहीं दिया?”

राहुल ने प्रधानमंत्री को श्वेत पत्र में इन प्रश्नों का जवाब देने को कहा।

नोटबंदी के कदम का सख्ती के साथ विरोध कर रहे राहुल ने पूछा, “नोटबंदी लागू करने से पहले किससे विचार-विमर्श किया गया और क्या तैयारियां की गईं?”

उन्होंने पूछा, “इस कठोर नीति को लोगों पर थोपने से पहले विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों या भारतीय रिजर्व बैंक से सलाह क्यों नहीं ली गई?”

उन्होंने पूछा, “क्या सरकार आठ नवंबर 2016 से पहले के छह महीनों में अपने बैंक खातों में 25 लाख रुपये या इससे ज्यादा जमा कराने वाले सभी व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं के नामों का खुलासा करेगी?”

राहुल ने मोदी से यह बताने को कहा कि लोगों की वित्तीय आजादी छीन लेने के पीछे कौन से कारण थे?

कांग्रेस ने मोदी सरकार के समक्ष मांग पत्र भी रखा है।

इसमें नकदी निकासी पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई है और कहा गया है कि जब तक ये प्रतिबंध लगे हैं तब तक सभी बैंक खाताधारकों को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से विशेष ब्याज दिया जाए।

कांग्रेस ने मांग की कि डिजिटल तरीके से लेन-देन पर सभी शुल्क तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाएं। जन वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाने वाले राशन की कीमत खाद्य सुरक्षा कानून के तहत एक साल के लिए आधी की जाए।

पार्टी ने मांग की है कि इसके अलावा सभी रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 20 प्रतिशत विशेष बोनस एक बार दिया जाए।

इन मांगों में एक मांग यह भी है कि नोटबंदी के कारण हुए घोर कष्ट के मुआवजा के रूप में गरीबी रेखा के नीचे के प्रत्येक परिवार की एक महिला के खाते में 25 हजार रुपये सरकार जमा करे।

कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि मनरेगा के तहत काम के दिनों की गारंटी के दिनों और पारिश्रमिक को एक साल के लिए दोगुना किया जाए।

मांग पत्र में कहा गया है कि सरकार को उन लोगों की पहचान के लिए एक अभियान चलाना चाहिए और उन सभी का पंजीकरण करना चाहिए जिन लोगों की आठ नवंबर के बाद से नौकरी गई है और इन्हें 31 मार्च 2017 तक के लिए न्यूयतम वेतन की दर से मुआवजा देना चाहिए।

इसमें छोटे दुकानदारों ओर व्यवसाइयों को आयकर और बिक्री कर में 50 प्रतिशत की छूट देने की भी मांग की गई है। पार्टी ने कहा है कि इस छूट से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए।

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