बताते हैं कि बसुका गांव निवासी जयगोबिंद पाल पुत्र सुखनंदन पाल एवं दारोगा पाल पुत्र मंगरु पाल रविवार को रेलवे ट्रैक के आसपास खेतों में अपनी भेड़ चरा रहे थे। वह अपनी भेड़ो को रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ ले जा रहे थे। इसी बीच ट्रैक पार करने के दौरान डाउन लाइन पर 15484 डाउन महानंदा एक्सप्रेस तेज रफ्तार से आ गई, जिसकी चपेट में आने से तीस भेड़ों की कटकर मौके पर ही मौत हो गई।
देखते ही देखते वहां तमाशबीनों की भीड़ इकट्ठा हो गई। नए साल के पहले दिन हुए इस दर्दनाक घटना से जहां जयगोविंद पाल का पूरा सहारा छिन गया। इस घटना से हर कोई मर्माहत हो उठा।
dharmpath.com dharmpath