नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं का एक दल सोमवार को यहां मुलायम सिंह यादव के घर के बाहर एकत्रित हुआ और उनके समर्थन में नारे लगाए। साथ ही कार्यकर्ताओं ने पार्टी के मतभेद दूर कर इसकी एकजुटता के लिए भी आवाज उठाई।
करीब 50 सपा कार्यकर्ता पार्टी के मुखिया के आवास के सामने उस समय जमा हो गए जब चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग जाने से पहले मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल यादव और अमर सिंह के साथ एक बैठक शुरू की। अधिकांश समर्थक बदायूं और पड़ोसी गाजियाबाद से आए थे।
मुलायम के इन समर्थकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या रामगोपाल यादव के खिलाफ कोई नारा नहीं लगाया।
उन्होंने पार्टी के दोनों गुटों के एकीकरण की इच्छा जाहिर की और मुलायम सिंह से अखिलेश यादव को चुनाव प्रचार अभियान का चेहरा बनाने का अनुरोध किया।
गाजियाबाद से पार्टी के एक कार्यकर्ता अकरम खान ने आईएएनएस से कहा कि वह चाहते हैं कि मुलायम सिंह यादव अपने बेटे को पार्टी में वापस ले लें।
हालांकि उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं होता है तो नेता जी (मुलायम सिंह) जो भी निर्णय लेंगे, हम उसके साथ जाएंगे।”
कार्यकर्ता ‘जिसका जलवा कायम है उसका नाम मुलायम है’ और ‘नेता जी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं’ जैसे नारे लगा रहे थे।
बदायूं के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मनमोहन गामा ने कहा, “नेता जी सिर्फ अखाड़े के ही पहलवान नहीं, बल्कि राजनीति के भी हैं।”
एक समर्थक फिरोज खान ने कहा कि राम गोपाल द्वारा पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाना असंवैधानिक था, क्योंकि यह केवल पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह द्वारा बुलाया जा सकता है।
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