मौर्य ने अपने पत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पुलिस प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ी कराने की दृष्टि से सपा सरकार द्वारा वरिष्ठ ईमानदार आईपीएस अधिकारियों को दरकिनार कर वरीयता के क्रम में 10वें नंबर के आईपीएस जावीद अहमद को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया।
उन्होंने कहा है कि जावीद अहमद के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके परिजनों से आत्मीय व करीबी संबंध हैं। इन संबधों के चलते ही सपा परिवार के कलह में सुलह समझौता कराने के लिए कई बार अहमद मुख्यमंत्री आवास, मुलायम सिंह व शिवपाल यादव के आवास पर चर्चा करते थे।
मौर्य ने पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को पद से हटाने की मांग करते हुए पत्र में कहा कि अहमद के पद पर बने रहते हुए निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है।
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