भोपाल, 9 जनवरी (आईएएनएस)। नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त कर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू हुई ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा 160 गांवों से गुजर चुकी है, वहीं लगभग सात हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस यात्रा के दौरान लगभग साढ़े छह लाख लोगों ने मदिरापान न करने की भी शपथ ली।
भोपाल, 9 जनवरी (आईएएनएस)। नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त कर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू हुई ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा 160 गांवों से गुजर चुकी है, वहीं लगभग सात हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस यात्रा के दौरान लगभग साढ़े छह लाख लोगों ने मदिरापान न करने की भी शपथ ली।
ज्ञात हो कि अमरकंटक से 11 दिसंबर को 144 दिन की सेवा यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा लगभग 1100 गांव से होकर गुजरेगी और 3,350 किलोमीटर का रास्ता तय करेगी। इस यात्रा का समापन 11 मई 2017 को अमरकंटक में ही होगा।
आधिकारिक तौर पर जारी किए गए ब्यौरे के मुताबिक, यह यात्रा अब तक पांच जिलों के 110 ग्राम पंचायतों के 160 गांव से होकर गुजर चुकी है। इस दौरान 160 जनसंवाद का आयोजन किया गया था जिसमें साढ़े छह लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
सरकारी ब्यौरे के मुताबिक, सेवा यात्रा के दौरान ग्रामीणों को नदी के तट के खेतों में पौधे लगाने का आहवान किया जा रहा है। किसानों को इसके एवज में तीन वर्ष तक 20 हजार रुपये हेक्टेयर प्रतिवर्ष की दर से सरकार मुआवजा देगी। इतना ही नहीं गंदे नालों को नदी से मिलने से रोकने के लिए भी सरकार ने कार्य योजना बनाई है।
इस यात्रा के दौरान अब तक 5,000 से ज्यादा किसान अपने खेतों में पौधारोपण की सहमति दे चुके हैं, वहीं लगभग 7,000 पौधे लगा चुके है। यात्रा के दौरान अब तक 6,56000 लोगों मदिरापान न करने की शपथ ली है।
इस यात्रा के दौरान वनीकरण, स्वच्छता, मृदा व जल संरक्षण के अलावा प्रदूषण निवारण और जैविक खेती के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं व जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं।
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