पढ़ना ही जिंदगी है : जावड़ेकर

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पढ़ना हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण भाग है और जिंदगी भी।

उन्होंने यह बात विश्व पुस्तक मेला में कही। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को पाठ्य-पुस्तकों के अलावा भी पुस्तकें पढ़नी चाहिए। पुस्तकें पढ़ने से ही इंसान के व्यक्तित्व का विकास होता है।

जावड़ेकर ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रकाशित ‘मानुषी’ थीम पर आधारित कैलेंडर-2017 तथा एनबीटी की पुस्तकों, यथा-‘ओड़िया महिला कथाकारों का संकलन’, ‘संस्कृत आलोचना की भूमिका’ व ‘तिरूक्कुरल जीवन पथ’ का विमोचन किया।

विश्व पुस्तक मेले की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पुस्तकों की दुनिया एक श्रेष्ठ दुनिया है, यह ज्ञान का सागर है। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष हर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, शैक्षिक-संस्थानों में मेले का और अधिक प्रचार किया जाएगा जिससे सभी को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न संगठनों जैसे प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, साहित्य अकादेमी, संस्कृति मंत्रालय तथा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा एक साथ मिलकर काम करने तथा अपनी गतिविधियों में तालमेल को सुनिश्चित करने की बेहद आवश्यकता है और पर्याप्त संभावना भी है।

इस अवसर पर जानेमाने विद्वान सुभाष कश्यप भी उपस्थित थे। एनबीटी के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493